RANCHI : सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश में बीआईटी मेसरा को एक छात्र के परिजन को 20 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया है. संस्थान में मारपीट के बाद छात्र की मौत हो गई थी. इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने संस्थान को छात्र के परिजन को 20 लाख रुपए मुआवजा देने का निर्देश दिया था लेकिन इसके खिलाफ संस्थान ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर किया था. जिसकी सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बीआईटी मेसरा को छात्र के परिजन को 2 सप्ताह के अंदर 20 लाख रुपए मुआवजा देने को कहा है.
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क्या था मामला
14 नवंबर 2024 को बीआईटी मेसरा के परिसर में फ्रेशर पार्टी हुई थी. पार्टी के दौरान कुछ छात्रों के बीच विवाद हो गया. और इसी में कुछ छात्रों ने राजा पासवान की पिटाई कर दी. मृतक राजा पासवान के पिता चंदन पासवान की शिकायत के अनुसार बेटे के शरीर पर लाठी- ठंडा और बेल्ट से वार करने के निशान थे. रिम्स में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी.
अदालत का फैसला
झारखंड हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए संस्थान को 20 लाख रूपया मुआवजा देने का निर्देश दिया साथ ही राज्य के शैक्षणिक संस्थाओं की सुरक्षा के लिए डीजीपी को स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर बनाने का निर्देश भी दिया था. संस्थान मुआवजा भुगतान वाले मामले को शीर्ष अदालत ले गया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के आदेश को यथावत रखा. संस्थान ने मुआवजा भुगतान के लिए कुछ समय की मांग की थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने 2 सप्ताह का समय दिया है.
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