Arafat
PAKUR : पाकुड़िया प्रखंड के मोंगलाबांध गांव स्थित काली मंदिर में मां काली की प्रतिमा स्थापित कर मंगलवार को चैती काली पूजा का आयोजन धूमधाम से किया गया. पंडित प्रभाकर मिश्रा की देखरेख में सोमवार की मध्यरात्रि को पूजा अनुष्ठान प्रारंभ हुआ. वहीं मंगलवार को दर्जनों बकरे की बलि के साथ पूजा का समापन हुआ. पूजा में मां काली की प्रतिमा के अलावा श्रद्धालुओं के द्वारा अन्य और दो प्रतिमा स्थापित की गई थी. इस मंदिर में लोगो की आस्था अदभुत है. मान्यता है कि यहां जो कोई भी श्रद्धालु आस्था व विश्वास के साथ पूजा अर्पित करता है और मन्नत मांगता है मां काली उनकी मुराद आवश्य पूरी करती है. इस कारण हर वर्ष यहां पूजा में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती जाती है.
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जानकारी के अनुसार प्राचीन मंदिर में आज से 40-50 वर्ष पूर्व शीला पत्थर द्वारा मां काली की पूजा की जा रही थी आज के समय में भव्य मंदिर स्थापित कर प्रतिमा के साथ पूजा की जाती है. इस प्राचीन मंदिर में 100 वर्षो से अधिक हर वर्ष पूजा होती आ रही है. मन्नत पूरा होने पर श्रद्धालु पांठा(बकरा) की बली चढ़ाते हैं. यहां मन्दिर की नियमित देखरेख एवं नित्य पूजा स्थानीय पुजारी करते हैं. मंगलवार को मां काली की पूजा के पश्चात कुमारी भोजन, आरती वंदना कर प्रसाद वितरण किया गया. मंदिर कमिटी के अध्यक्ष अशोक वर्मा, उपाध्यक्ष राजेश पाल, लखींद्र पाल, जितेन पाल, बबलू पाल, मिथुन पाल, रोहित पाल सहित अन्य ने सक्रिय रूप से पूजा के आयोजन में भाग लिया.
