Arafat
PAKUR : राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार के लिए नामित सदर प्रखंड के पूर्व झिकरहटी पंचायत का केंद्रीय दल ने भ्रमण किया. साथ ही संवाद सह परिसंपत्ति वितरण किया गया. कार्यक्रम के दौरान पंचायत में संचालित योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों एवं पंचायत स्तर पर सृजित परिसंपत्तियों का अवलोकन किया गया. उपायुक्त मनीष कुमार व केंद्रीय दल के राज मंत्रालय भारत सरकार के सेक्शन ऑफिसर मनिकन्दन केपी एवं एसओईपीआर संपा बासु ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. केंद्रीय टीम ने सर्वप्रथम पंचायत सचिवालय परिसर में लगाए गए सूचना पट्ट का अवलोकन किया. टीम को प्रोजेक्ट प्राण, प्रोजेक्ट बदलाव, ग्राम पंचायत झिकरहटी पूर्वी का प्रोफाइल तथा इको-फ्रेंडली गतिविधियों से संबंधित वीडियो प्रस्तुतीकरण दिखाया गया. जिसकी टीम द्वारा सराहना की गई. केंद्रीय टीम ने पंचायत सचिवालय की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान टीम ने हैंडवाश व्यवस्था, भष्मीकरण यंत्र, पंचायत का नक्शा, स्तनपान कक्ष, हेल्प डेस्क, मईया कक्ष, ज्ञान केंद्र, मुखिया कक्ष, जन औषधि केंद्र, वाटर फिल्टर, शौचालय, पंचायत सचिव एवं पंचायत सहायक कक्ष, ऊर्जा कक्ष, रोजगार सेवक कक्ष तथा प्रज्ञा केंद्र का अवलोकन किया. केंद्रीय दल ने पंचायत सचिवालय में उपलब्ध सुविधाओं, सुव्यवस्थित एवं जनहित में किए जा रहे नवाचारों की सराहना की, जो ग्रामीणों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. टीम ने पंचायत द्वारा किए जा रहे विकासात्मक कार्यों की प्रशंसा करते हुए इसे अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणादायक बताया.
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वहीं पंचायत परिसर में आयोजित रक्तदान शिविर का भी केंद्रीय टीम एवं उपायुक्त ने जायजा लिया. जेएसएलपीएस की दीदियों द्वारा स्वेच्छा से रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई. केंद्रीय टीम एवं उपायुक्त ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया. एसओईपीआर के सलाहकार संपा बासु ने कहा कि पंचायत स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों से समन्वय के साथ कार्य करते हुए ग्रामीण विकास को गति देने का आह्वान किया. पंचायत स्तर पर चल रही विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर लोग अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं. उन्होंने सभी से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक लोग पंचायत से जुड़ें, योजनाओं की जानकारी लें और उनका लाभ प्राप्त करें. उन्होंने कहा कि पंचायत के प्रतिनिधियों और मुखिया के नेतृत्व में बेहतर प्रशासन और व्यवस्था के माध्यम से पंचायत को और अधिक सशक्त एवं विकसित बनाया जा सकता है.

इधर भारत सरकार के सेक्शन ऑफिसर ने अपने संबोधन में कहा कि पंचायत द्वारा किए जा रहे कार्य सराहनीय हैं. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने विभिन्न जनजागरूकता गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई है, वह प्रशंसनीय है. उन्होंने पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए आपसी समन्वय के साथ निरंतर मेहनत करने का आह्वान किया. सेक्शन ऑफिसर ने कहा कि उन्हें इस पंचायत में आकर अत्यंत प्रसन्नता हुई. उन्होंने कार्यक्रम में मिले आत्मीय स्वागत के लिए सभी जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया.उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि जिले में प्रोजेक्ट बदलाव और प्रोजेक्ट जागृति के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास किया जा रहा है. सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप इन पहलों के बीज जिले में बोए गए हैं, जिनका सकारात्मक परिणाम अब दिखने लगा है. उन्होंने बताया कि हर महीने की 10 तारीख को संवाद कार्यक्रम के माध्यम से लगभग एक लाख दीदियों से जुड़कर विभिन्न मुद्दों और योजनाओं पर चर्चा की जाती है. बाल विवाह को गंभीर सामाजिक समस्या बताते हुए कहा कि इससे तीन पीढ़ियां प्रभावित होती हैं. उन्होंने अपील की कि बच्चियों की शादी कम उम्र में न करें, बल्कि उन्हें कम से कम 20–22 वर्ष तक शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करें, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें. सिविल सर्जन डॉ. सुरेन्द्र कुमार मिश्रा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं के लिए कई महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. उन्होंने बताया कि जांच, दवाएं और अन्य आवश्यक सेवाएं पूरी तरह नि:शुल्क प्रदान की जाती हैं तथा आने-जाने के लिए ₹500 तक की सहायता भी दी जाती है, ताकि महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो.
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सेक्शन ऑफिसर, सलाहकार एसओईपीआर ने लाभुकों के बीच बांटे परिसंपत्तियां
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त मनीष कुमार, सेक्शन ऑफिसर, सलाहकार एसओईपीआर तथा पंचायत की मुखिया ने योजनाओं के तहत लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया गया. इस अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृति पत्र, साइकिल, मनरेगा अंतर्गत जॉब कार्ड सहित अन्य लाभुकों को सामग्री प्रदान की गई. इसके साथ ही आजीविका सखी मंडलों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 68 सखी मंडलों के बीच 68 लाख रुपये तथा 52 सखी मंडलों के बीच 78 लाख रुपये की राशि वितरित की गई. कार्यक्रम में सावित्रीबाई फुले समृद्धि योजना के तहत परिसंपत्तियों का वितरण, किशोरी बालिकाओं के बीच स्वच्छता किट, लाभुकों को धोती-साड़ी, मच्छरदानी, बेबी किट सहित विभिन्न योजनाओं से संबंधित सामग्रियों का वितरण कर उन्हें लाभान्वित किया गया.

पदाधिकारियों ने विभिन्न स्टॉल का किया निरीक्षण
कार्यक्रम के दौरान पदाधिकारियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया. निरीक्षण के क्रम में उन्होंने शिक्षा विभाग, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य विभाग, जूट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, जेएसएलपीएस, जल स्वच्छता समिति तथा समाज कल्याण विभाग के स्टॉलों का अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि विभागीय योजनाओं की जानकारी आमजनों तक सरल और प्रभावी तरीके से पहुंचाई जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं का लाभ उठा सकें. उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न योजनाओं की जानकारी और लाभ उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है.
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