L19 DESK : आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो ने कहा है कि चुआड़ विद्रोह छोटानागपुर क्षेत्र का पहला विद्रोह था, जिसके नायक शहीद रघुनाथ महतो ने विद्रोह का पहला बिगुल फूंका था और अंग्रेजों की नाक में दम कर दिया था. इस विद्रोह में कुड़मी के साथ-साथ संथाल, भूमिज, बाउरी तथा अन्य जातियों को भी रघुनाथ महतो ने गोलबंद किया था. आजादी की लड़ाई में रघुनाथ महतो का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता है. वीर शहीद रघुनाथ महतो के शौर्य गाथा को जन-जन तक पहुंचाना एवं उनके परिचय को बड़े दायरे में स्थापित करना हमारी प्राथमिकता है. सुदेश महतो ने सिल्ली क्षेत्र के बुढ़ाम में शहीद रघुनाथ महतो को बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि समारोह में उक्त बातें कहीं. उन्होंने ग्रामीणों के साथ शहीद की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण किया.
सुदेश महतो ने कहा कि उन्होंने 1769 में चुआड़ विद्रोह का आरंभ हुआ था. मानभूम से लेकर धालभूम, नीमडीह, सिल्ली और जंगलमहल के इलाकों में अंग्रेजों के विरूद्ध लड़ाई का नेतृत्व करने वाले वीर शहीद रघुनाथ महतो हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे. रघुनाथ महतो के परिचय को बड़े दायरे में लाने की हमारी कोशिशें जारी है.
उन्होंने कहा कि रघुनाथ महतो के संघर्षों से हमें प्रेरणा मिलती है. उनकी जीवनी आने वाली कई पीढ़ियों को जुल्म और अत्याचार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने को प्रेरित करती रहेगी. इस अवसर पर केंद्रीय संगठन सचिव जयपाल सिंह, सिल्ली प्रखंड प्रमुख जितेंद्र बड़ाइक, प्रो. श्रीकांत महतो, वैज्ञानिक रतन महतो, त्रिलोचन महतो, सुभाष महतो, शिव शंकर प्रसाद, जगदीश महतो, डब्लू महली, गयाराम महतो, परशुराम महतो, बीरबल महतो, मंजू देवी, भारती देवी, रवींद्र करमाली, भरत साई, हेमंत नायक, नीतीश महतो, सुरेश मुंडा, शिशुपाल महतो, भगवानदास महतो, श्रीधर महतो, सुनील गोस्वामी आदि उपस्थित थे.