NEW DELHI : वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश का निधन बुधवार को न्यूयॉर्क में हो गया. बताया जा रहा है उनका निधन कार्डियक अरेस्ट से हुआ है. अग्निवेश वेदांता ग्रुप की फर्म तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (TSPL) बोर्ड में शामिल थे. अग्निवेश को अमेरिका में स्कीइंग के समय चोट लग गई थी.
वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर एक अत्यंत भावुक संदेश साझा कर अपने पुत्र अग्निवेश के असामयिक निधन की जानकारी दी। इस संदेश के सामने आते ही उद्योग जगत, राजनीतिक, सामाजिक और कॉरपोरेट क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और देश–विदेश से संवेदनाएं प्रकट की जा रही हैं.
इसे भी पढ़ें : मौसीबाड़ी से अपहृत अंश – अंशिका का 6वें दिन भी कोई सुराग नहीं, जनांदोलन तेज करने का निर्णय
अनिल अग्रवाल का भावुक संदेश
अपने पोस्ट में अनिल अग्रवाल ने लिखा कि यह उनके जीवन का सबसे दर्दनाक दिन है. उन्होंने कहा कि एक पिता के कंधे पर बेटे की अर्थी उठना सबसे बड़ा दुख होता है. उन्होंने बताया कि अग्निवेश अपने एक मित्र के साथ अमेरिका में स्कीइंग के लिए गए थे, जहां एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना हो गई. इसके बाद उन्हें न्यूयॉर्क के Mount Sinai Hospital में भर्ती कराया गया था. प्रारंभ में उनकी हालत में सुधार हो रहा था और परिवार को उम्मीद थी कि सब कुछ ठीक हो जाएगा, लेकिन अचानक आए कार्डियक अरेस्ट के कारण उनका निधन हो गया.
अनिल अग्रवाल ने अपने संदेश में बेटे के बचपन से लेकर उसके व्यक्तित्व, मूल्यों और जीवन दर्शन का भी उल्लेख किया. उन्होंने लिखा कि 3 जून 1976 को पटना में जन्मा अग्निवेश एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से था, लेकिन अपने संस्कारों, मेहनत और सोच के बल पर उसने एक अलग पहचान बनाई. वे न सिर्फ एक सफल प्रोफेशनल थे, बल्कि बेहद सरल, मिलनसार और जमीन से जुड़े इंसान भी थे.
इसे भी पढ़ें : कोल्ड स्टोरेज के ठेकेदार फैला रहे बिमारी, सड़े आलू के दुर्गंध व मक्खियों से परेशान छात्र व ग्रामीण
उन्होंने यह भी साझा किया कि अग्निवेश केवल उनका बेटा ही नहीं, बल्कि उनका मित्र और सबसे बड़ा सहारा था. इस दुख की घड़ी में उन्होंने अपनी पत्नी किरण के साथ गहरे शोक की बात कही, साथ ही यह भाव भी प्रकट किया कि वेदांता समूह में काम करने वाला हर कर्मचारी उनके लिए अग्निवेश के समान है.
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में अनिल अग्रवाल ने यह भी दोहराया कि अग्निवेश और उनका साझा सपना भारत को आत्मनिर्भर बनाना था. उन्होंने समाजसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वे अपने वादे पर पहले से भी अधिक दृढ़ता से कायम रहेंगे और आने वाले समय में समाज के कल्याण के लिए और सादगी से जीवन जिएंगे.
इस संदेश के बाद Vedanta Group के कर्मचारियों, उद्योग जगत के नेताओं और आम लोगों ने एक स्वर में गहरा शोक व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है. यह क्षति न केवल परिवार के लिए, बल्कि पूरे कॉरपोरेट और सामाजिक जगत के लिए अपूरणीय मानी जा रही है.
