RANCHI : झारखंड के तेली समाज के वरिष्ठ नेता दयानंद कश्यप का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार अरगोड़ा स्थित पुंदाग मुक्ति धाम में पूरे विधि-विधान के साथ किया गया और वे पंचतत्व में विलीन हो गए. उनकी अंतिम यात्रा में राज्य के चौबीसों जिले से बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने शामिल होकर नम आंखों से उन्हें विदाई दी.
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उनके दिए संस्कार, आगे बढ़ने की प्रेरणा
दयानंद कश्यप के निधन से पूरे क्षेत्र और तेली समाज में शोक की लहर व्याप्त है. समाज के लोगों ने इसे अपूरणीय क्षति बताया है. दिवंगत के पुत्र साजन कश्यप ने भावुक होकर कहा कि उनके पिता ने जीवनभर समाज सेवा, संघर्ष और ईमानदारी का रास्ता अपनाया. उन्होंने कहा, पिता जी का जाना हमारे लिए अपूरणीय क्षति है, लेकिन उनके दिए संस्कार और विचार हमें हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहेंगे.
उन्होंने यह भी कहा कि दयानंद कश्यप का जीवन समाज के उत्थान के लिए समर्पित रहा और उनके अधूरे कार्यों को पूरा करना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी.

समाज के लिए एक युग का अंत
तेली अधिकार मंच, झारखंड प्रदेश ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि दयानंद कश्यप का निधन समाज के लिए एक युग का अंत है. मंच ने कहा कि उन्होंने समाज को संगठित करने और अधिकार दिलाने के लिए निरंतर संघर्ष किया.
संयोजक निरंजन तेली ने कहा कि दयानंद कश्यप का जाना समाज के लिए बड़ी क्षति है. उन्होंने कहा कि दयानंद कश्यप ने समाज को नई दिशा दी और उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा. निरंजन तेली ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की. अंतिम यात्रा में मुख्य रूप से सुरेश साहू, मनोज कुमार, रोशन कुमार, अशोक साहू, महेश महतो, राजकिशोर साहू, दिलीप साहू, हजारीबाग से प्रमोद गुप्ता, मदन प्रसाद, राज कश्यप, सुनील साहू, पंकज कश्यप इत्यादि हजारों की संख्या में समाज के अगुआ शामिल हुए.
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