RANCHI : झारखंड के सारंडा जंगल में 17 माओवादियों के मारे जाने के बाद भाकपा (माओवादी) की बिहार-झारखंड कमेटी के प्रवक्ता ने एक ऑडियो बयान जारी कर सुरक्षा बलों की कार्रवाई को फर्जी करार दिया है. प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि बिना किसी पूर्व चेतावनी के हवाई फायरिंग और अंधाधुंध गोलीबारी की गई, जिससे वनग्रामों के आदिवासी दहशत में हैं और कई गांवों के लोग घर छोड़कर भाग रहे हैं.
माओवादी प्रवक्ता के अनुसार डीजी द्वारा अभियान की घोषणा के बाद 22 जनवरी 2026 को कोबरा बटालियन, झारखंड जगुआर और जिला पुलिस ने सारंडा के बहुदा और कुमडीह गांव के जंगलों में सुनियोजित तरीके से हमला किया. आरोप है कि पहले जीपीएस ट्रैकर भेजे गए या खाद्य सामग्री में जहर मिलाया गया और फिर उनके साथियों को निशाना बनाया गया.
प्रवक्ता ने दावा किया कि इस कथित फर्जी मुठभेड़ में केंद्रीय कमेटी सदस्य पतिराम मांझी उर्फ अनल और ओडिशा राज्य कमेटी के लालचंद हेंब्रम समेत 17 लोगों की हत्या की गई . उन्होंने इस कार्रवाई को कायराना अपराध बताते हुए मारे गए साथियों को ‘लाल सलाम’ कहा.
ऑडियो बयान में यह भी कहा गया है कि फिलहाल उनके तीन साथी पुलिस हिरासत में हैं और आगे भी इसी तरह की कार्रवाइयों की आशंका है. साथ ही मजदूरों, छात्रों, किसानों और आम लोगों से इस कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की गई है
