RANCHI : आज 31 मार्च है वित्तीय वर्ष 2025-26 का आज अंतिम दिन है, जिसे बोलचाल में मार्च क्लोजिंग भी कहा जाता है. राज्य के प्रशासनिक गलियारों में आज गहमा-गहमी मची हुई है, वजह है धड़ाधड़ रुके हुए बिलों का पास होना चाहे वह ठेकेदारों की रुके हुए बिल हों या विकास कार्यों से जुड़े हुए बिल. वित्तीय वर्ष का अंतिम दिन होने के कारण बजट राशि का उपयोग करने की होड़ मची हुई.
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ग्रामीण अर्थव्यवस्था महिला सशक्तिकरण एवं बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने भारी भरकम बजट आवंटन किया था. आर्थिक मामलों के जानकारों के अनुसार झारखंड जैसे राज्य में कुल बजट का 85 से 90 फ़ीसदी खर्च होना बड़ी बात है. झारखंड सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में समावेशी विकास पर विशेष जोर दिया, हालांकि स्वास्थ्य और जल संसाधन जैसे विभागों के बुनियादी ढांचे के कार्यों में देरी होने के कारण कुछ राशि सरेंडर हो सकती है.
वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रमुख विभागों का 30 मार्च तक का लेखा-जोखा
शिक्षा और स्वास्थ्य के तहत 18000 करोड़ की राशि में से एक बड़ा हिस्सा शिक्षकों के वेतन और स्कूलों के बुनियादी ढांचे के विकास में खर्च हुआ. ग्रामीण विकास के तहत मनरेगा और अन्य ग्रामीण योजनाओं में वित्तीय वर्ष 25-26 में 3190 करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च की गई. सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मंईयां सम्मान योजना के लिए सरकार ने 1465 करोड की सौ फीसदी राशि खर्च करने में सफलता पाई है.
अन्य विभागों का प्रर्दशन
कृषि विभाग: बजट 1,963.44 करोड़ रुपये, खर्च 1,212.10 करोड़ रुपये.
पशुपालन विभाग: बजट 580.23 करोड़ रुपये, खर्च 305.80 करोड़ रुपये.
भवन विभाग: बजट 676.61 करोड़ रुपये, खर्च 564.85 करोड़ रुपये.
ऊर्जा विभाग: बजट 10,480.47 करोड़ रुपये, खर्च 9,199.37 करोड़ रुपये.
उत्पाद विभाग: बजट 69.12 करोड़ रुपये, खर्च 46.01 करोड़ रुपये.
खाद्य आपूर्ति विभाग: बजट 1,886.14 करोड़ रुपये, खर्च 1,637.48 करोड़ रुपये.
वन विभाग: बजट 1,990.42 करोड़ रुपये, खर्च 1,806.67 करोड़ रुपये.
स्वास्थ्य विभाग: बजट 5,437.25 करोड़ रुपये, खर्च 4,524.47 करोड़ रुपये.
उच्च शिक्षा विभाग: बजट 1,732.27 करोड़ रुपये, खर्च 1,295.76 करोड़ रुपये.
गृह विभाग: बजट 8,535.44 करोड़ रुपये, खर्च 7,956.54 करोड़ रुपये.
उद्योग विभाग: बजट 463.99 करोड़ रुपये, खर्च 293.83 करोड़ रुपये.
श्रम विभाग: बजट 1,993.17 करोड़ रुपये, खर्च 956.97 करोड़ रुपये.
खान विभाग: बजट 364.64 करोड़ रुपये, खर्च 118.81 करोड़ रुपये.
पेयजल विभाग: बजट 3,841.66 करोड़ रुपये, खर्च 1,667.36 करोड़ रुपये.
भूमि राजस्व विभाग: बजट 856.61 करोड़ रुपये, खर्च 678.13 करोड़ रुपये.
पथ निर्माण विभाग: बजट 5,221.38 करोड़ रुपये, खर्च 4,487.40 करोड़ रुपये.
ग्रामीण विकास विभाग: बजट 6,641.86 करोड़ रुपये, खर्च 3,685.40 करोड़ रुपये.
पर्यटन विभाग: बजट 180.39 करोड़ रुपये, खर्च 110.37 करोड़ रुपये.
परिवहन विभाग: बजट 162.03 करोड़ रुपये, खर्च 44.60 करोड़ रुपये.
जल संसाधन विभाग: बजट 1,937.19 करोड़ रुपये, खर्च 1,892.66 करोड़ रुपये.
ग्रामीण कार्य विभाग: बजट 5,772.72 करोड़ रुपये, खर्च 5,265.04 करोड़ रुपये.
पंचायती राज विभाग: बजट 1,427.45 करोड़ रुपये, खर्च 547.27 करोड़ रुपये.
स्कूली शिक्षा विभाग: बजट 8,641.04 करोड़ रुपये, खर्च 6,262.25 करोड़ रुपये.
महिला बाल विकास विभाग: बजट 22,138.90 करोड़ रुपये, खर्च 19,913.77 करोड़ रुपये.
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