Vijay Thakur
GODDA : बोआरीजोर प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजाभीठा में सहिया के मानदेय से अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है. जानकारी के अनुसार सहिया के खाते में आए मानदेय में से सहिया क्लस्टर द्वारा जबरन पैसे मांगे जा रहे हैं. कई सहिया ने आरोप लगाया है कि उनसे ₹2000 से लेकर 3000 रुपये तक की मांग की गई है.
किसके इशारे पर वसूली
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह वसूली किसके आदेश पर हो रही है? क्या यह आदेश प्रखंड स्तर से है, स्वास्थ्य विभाग से है, स्वास्थ्य प्रभारी का है या फिर बड़े बाबू का? डर का माहौल इतना है कि कई सहिया कैमरे के सामने आने से डर रही हैं, लेकिन ऑफ कैमरा पूरी कहानी बता रही हैं. फोन पर भी वे साफ-साफ कह रही हैं कि उनसे पैसे मांगे गए, मगर कैमरे पर बोलने से कतरा रही हैं.
मानदेय की पूरी राशि पर सीधा डाका
सूत्रों के अनुसार यह मामला सुदूरवर्ती क्षेत्र राजाभीठा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है, जहां अधिकतर आदिवासी और पहाड़िया समुदाय के लोग रहते हैं. बताया जा रहा है कि पहाड़िया समुदाय की एक सहिया को 22,000 रुपये मानदेय मिला. आरोप है कि उससे कहा गया कि 500 रुपये रख लो और बाकी पैसा भेज दो, यानी उससे लगभग 21500 रुपये की मांग की गई.
भ्रष्टाचार और शोषण का आरोप
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या गरीब आदिवासी और पहाड़िया समुदाय की महिलाओं के हक का पैसा भी नहीं छोड़ा जाएगा? अगर यह आरोप सही है तो यह सीधे-सीधे भ्रष्टाचार और शोषण का गंभीर मामला है. इस मामले को लेकर स्थानीय पत्रकारों ने जब स्वास्थ्य प्रभारी डॉ. सुनील किस्कु से बातचीत की, तो उन्होंने कहा कि मामले पर संज्ञान लिया जाएगा. हालांकि सूत्रों से यह भी जानकारी मिल रही है कि कुछ सहिया का पैसा घर जाकर वापस कर दिया गया है, जबकि कुछ का पैसा अभी भी बाकी बताया जा रहा है. अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी दबा दिया जाएगा.
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