Akshay Kumar Jha
RANCHI : जिन लोगों का नाम इस रिपोर्ट में लिखा जा रहा है. वो ही हैं असल आरोपी. वो हैं कौन? जिहोने ने वो किया है जिसकी माफी शायद ही मिल सके. जो लोग तीस साल से एक घर में रह रहे थे, उसे एक रात में तोड़ दिया गया. माना हाईकोर्ट का ऑर्डर था. लेकिन जिनके घर टूट रहे थे, उनके पास पूरा प्रमाण भी था. उन्होंने जमीन की रसीद कटाई हुई थी. म्यूटेशन भी था. लेकिन बुलडोजर चला. घर टूटे. छत टूटा. मोमबत्ती में अब सारी रात जा रही है.
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जानिए उनकों जिन्होंने बसाया डीआईजी ग्राउंड, अब तोड़ दिया गया
जब रिम्स के बगल की जमीन में बसे घरों को उजाड़ा जा रहा था. हाईकोर्ट के आदेश का पालन किया जा रहा था. जहां आत्मा और मानवाधिकार, कोर्ट के आदेश के सामने नतमस्तक थी. वहां इन लोगों ने अपने पॉकेट को गर्म किया.
- नाम है रविरंजन कुमार विक्रम (जब रिम्स सदर अंचल में आता था)
- आशिफ एकराम (तत्कालीन सदर सीओ) अब डायरेक्टर स्पोर्टस एंड टूरिजम.
- मनोज कुमार रंजन (तत्कालीन डीसीएलआर, रांची)
रांची डीसी मंजूथान मजंत्री ने इन सारी बातों से इंकार किया है. उन्होंने कहा कि मुझे इस बारे में कुछ नहीं पता नहीं है. लेकिन Loktantra 19 के पुख्ता सूत्रों ने कहा है कि रांची डीसी ने अपनी रिपोर्ट में इन तीनों को आरोपी बनाया है.
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