RANCHI : झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र में पिछले कुछ घंटों से पसरा सन्नाटा और दहशत अब राहत और खुशी के मौहाल में बदल चुका है. अपहरण की एक ऐसी वारदात जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था उसका खुलासा रांची पुलिस ने अपनी इंटेलिजेंस और पेशेवर सूझबूझ से किया है.
इसे भी पढ़ें : झारखंड राज्य फार्मेसी काउंसिल मनोनित सदस्यों के चयन में गड़बड़झाला, एक भी आदिवासी सदस्य नहीं, नॉन फार्मिस्ट को बना दिया अध्यक्ष
पुलिस ने न केवल दोनों लापता मासूमों को सकुशल बरामद किया बल्कि अपहरणकर्ताओं के मनोबल को कुचलते हुए दो अपराधियों को गिरफ्तार भी कर लिया है.धुर्वा जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र से बच्चों का लापता होना पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था. एक तरफ बिलखते परिजन थे और दूसरी तरफ आक्रोशित जनता का भारी दबाव और इस पुरे मामले को जिस तरह से राजनितिक रंग दिया गया उसके बीच संवेदनशील माहौल में रांची एसएसपी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने तकनीक और जमीनी खुफिया तंत्र का ऐसा बेजोड़ तालमेल बिठाया कि अपराधी खुद को चारों तरफ से घिरा पाकर पस्त हो गए
इसे भी पढ़ें : Breaking : धुर्वा से लापता अंश और आंशिक सकुशल बरामद, रामगढ़ में मिले दोनों, दो की गिरफ्तारी भी.
अपहरण के मामलों में सबसे बड़ा जोखिम बच्चों की जान को होता है, लेकिन रांची पुलिस ने सर्जिकल स्ट्राइक जैसी सटीकता के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया. बिना किसी चूक के अपहरणकर्ताओं के ठिकाने पर धावा बोलना और बच्चों को खरोंच तक न आने देना पुलिस के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है. दोनों बच्चों की सुरक्षित बरामदगी यह साबित करती है कि रांची पुलिस नागरिकों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है, गिरफ्तार किए गए दो अभियुक्तों से कड़ी पूछताछ जारी है जिससे इस गिरोह के अन्य नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है.इस सफल उद्भेदन ने न केवल दो परिवारों के बुझते चिरागों को दुबारा रोशन किया है बल्कि आम जनता के बीच खाकी के प्रति विश्वास को भी सुदृढ़ किया है.
गंभीर अपराधों के मामलों में रांची पुलिस की यह सफलता एक नजीर पेश करती है कि यदि नेतृत्व दृढ़ हो और टीम में कर्तव्यनिष्ठा हो, तो कोई भी अपराधी कानून के हाथों से बच नहीं सकता.
