RANCHI : शहरवासियों के लिए यह एक गंभीर चेतावनी है. साइबर अपराधियों ने एक बार फिर लोगों को ठगने का नया और खतरनाक तरीका अपनाया है. इस बार ठगों ने वाहन चालान को अपना हथियार बनाया है. पिछले कुछ दिनों से रांची के कई वाहन चालकों के मोबाइल फोन पर फर्जी ई-चालान से जुड़े मैसेज आ रहे हैं, जिनमें यह दावा किया जा रहा है कि उनके नाम पर भारी-भरकम चालान बकाया है.
इसे भी पढ़ें : बोकारो में धूमधाम से शुरू हुआ “शब्द सरिता महोत्सव 2026”, अगले साल से 7 दिवसीय होगा कार्यक्रम
इन मैसेजों में लोगों को डराने की कोशिश की जा रही है कि यदि तुरंत भुगतान नहीं किया गया तो उनका ड्राइविंग लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा या उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो सकता है. मैसेज के साथ एक लिंक भी भेजा जाता है, जिस पर क्लिक करते ही व्यक्ति फिशिंग वेबसाइट के जाल में फंस जाता है. इसके बाद बैंक खाते की जानकारी और ओटीपी ठगों के हाथ लग जाते हैं, जिससे खाते से पैसे गायब हो सकते हैं.

रांची ट्रैफिक विभाग को इस तरह के फर्जी चालान मैसेज को लेकर दर्जनों शिकायतें मिल चुकी हैं. बताया जा रहा है कि साइबर अपराधी अलग-अलग निजी मोबाइल नंबरों से ये मैसेज भेज रहे हैं और कई मामलों में एक ही दिन में सैकड़ों लोगों को निशाना बनाया गया है. ट्रैफिक पुलिस ने सभी संदिग्ध नंबरों की जानकारी साइबर थाना को सौंप दी है और अपराधियों की पहचान के लिए तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है.
इसे भी पढ़ें : उन अफसरों पर ACB कसेगा शिकंजा जिन्होंने रिम्स की जमीन पर अतिक्रमण करने का दिया लाइसेंस, FIR दर्ज
इस पूरे मामले पर रांची ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने लोगों को अलर्ट किया है. उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि ट्रैफिक विभाग किसी भी व्यक्ति को मोबाइल फोन पर चालान से संबंधित मैसेज नहीं भेजता. चालान की सही और आधिकारिक जानकारी केवल सरकार के अधिकृत पोर्टल e-challan.parivahan.gov.in या ट्रैफिक विभाग के अधिकृत माध्यमों से ही प्राप्त की जा सकती है.
ट्रैफिक एसपी ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अज्ञात नंबर से आए लिंक पर बिल्कुल भी क्लिक न करें. लाइसेंस रद्द होने, गिरफ्तारी वारंट या भारी जुर्माने जैसी धमकियों से डरने की जरूरत नहीं है. यदि इस तरह का कोई भी संदिग्ध मैसेज मिले तो उसकी जानकारी तुरंत ट्रैफिक कार्यालय या साइबर थाना को दें.
इसे भी पढ़ें : “बोकारो शब्द सरिता महोत्सव 2026” की तैयारी में जुटा बोकारो प्रशासन
अब तक 50 से अधिक वाहन चालक फर्जी ई-चालान मैसेज की शिकायत दर्ज करा चुके हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है. साइबर अपराधियों का उद्देश्य लोगों में डर पैदा कर उनसे पैसे ऐंठना है. कई बार लोग घबराहट में आकर लिंक खोल देते हैं, जो उनके लिए भारी नुकसान का कारण बन जाता है.
