RANCHI : धुर्वा स्थित मौसीबाड़ी खटाल मल्लारकोचा से लापता हुए 5 वर्षीय अंश और 4 वर्षीय अंशिका का 7वें दिन भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है. बच्चों की सकुशल बरामदगी को लेकर परिजनों और क्षेत्रवासियों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है. इसी क्रम में अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक 8 जनवरी को मौसीबाड़ी खटाल मल्लारकोचा में आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता राजद नेता सह समिति संयोजक कैलाश यादव ने की.
बैठक में इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की गई कि घटना के सात दिन बीत जाने के बावजूद प्रशासन बच्चों की सकुशल बरामदगी में अब तक सफल नहीं हो सका है.
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10 जनवरी को मशाल जुलूस, 11 जनवरी को संपूर्ण HEC क्षेत्र बंद
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मानवीय संवेदना और परिजनों की पीड़ा को ध्यान में रखते हुए – 10 जनवरी को शाम 4 बजे पुराना विधानसभा से भगवान बिरसा चौक तक मशाल जुलूस एवं पद मार्च निकाला जाएगा. 11 जनवरी को संपूर्ण HEC क्षेत्र बंद रहेगा. इस दौरान सभी बाजार, हाट, दुकानें एवं आवासीय क्षेत्रों के व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्वतः बंद रखकर मानवीय संवेदना व्यक्त करेंगे.
नुक्कड़ सभा का आयोजन
संघर्ष समिति के निर्णय के तहत 9 जनवरी को शाम 4 बजे से धुर्वा बस स्टैंड, जेपी मार्केट सेक्टर-2 एवं झोपड़ी मार्केट में नुक्कड़ सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें 10 जनवरी के मशाल जुलूस एवं शांतिपूर्ण बंद के समर्थन की अपील की जाएगी.
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प्रशासन से सहयोग भी, सवाल भी
बैठक को संबोधित करते हुए संयोजक कैलाश यादव ने कहा कि 7 दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन बच्चों की सकुशल वापसी सुनिश्चित नहीं कर सका है. विगत 6 जनवरी 2026 को शहीद मैदान स्थित शेख भिखारी चौक पर आयोजित महाधरना के दौरान राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने धरना स्थल पर आकर आश्वासन दिया था कि एक उच्चस्तरीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है और जल्द ही बच्चों की बरामदगी की जाएगी, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है.
उन्होंने कहा कि बच्चों के परिजनों की मानसिक स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है और पूरे समाज एवं क्षेत्र में जनआक्रोश व्याप्त है. ऐसे में संघर्ष समिति के लिए जनभावनाओं के साथ खड़ा होना मजबूरी नहीं बल्कि दायित्व है.
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जनता से अपील
अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति की ओर से रांची और झारखंडवासियों से पुनः अपील की गई कि सभी लोग मानवीय संवेदना को जीवंत रखते हुए बच्चों की सकुशल वापसी के लिए दुआ करें. समिति ने स्पष्ट किया कि प्रशासन को पूरा सहयोग दिया जाएगा, लेकिन जब तक अंश और अंशिका की सकुशल वापसी नहीं होती, तब तक लोकतांत्रिक तरीके से सवाल उठाना जारी रहेगा. समिति ने यह भी निर्णय लिया कि चरणबद्ध रणनीति के तहत प्रतिदिन नए कार्यक्रम घोषित किए जाएंगे, जब तक बच्चों की सुरक्षित वापसी नहीं हो जाती.
