RANCHI : झारखंड में संचालित 108 एम्बुलेंस सेवा की वर्तमान स्थिति लगातार चिंता का विषय बनती जा रही है. राज्य में इस सेवा का संचालन वर्तमान में सम्मान फाउंडेशन पटना द्वारा किया जा रहा है, जिसकी कार्यप्रणाली पर हाल के घटनाक्रमों ने कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं.
इसे भी पढ़ें : असम के खूमतई में झामुमो के पंकज मिश्रा की हुंकार, मजदूरों के हक में भाजपा पर साधा निशाना

इन दो घटनाओं से समझिए
समाचार पत्र में प्रकाशित हुई, धालभूमगढ़, घाटशिला क्षेत्र की घटना जिसमे “एंबुलेंस नहीं मिलने से एक मरीज की मौत, कॉल सेंटर में भी कोई नहीं उठा रहा फोन”, तथा दूसरी घटना, नगर ऊंटरी गढ़वा जिला की, जहां मरीज को आपातकालीन स्थिति में 2 घंटे के लंबे इंतेजार के बावजूद 108 एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं हो सका. दोनों ही मामलों ने एम्बुलेंस सेवा की जमीनी हकीकत को उजागर किया है .

पूर्व में भी यही रवैया
इन घटनाओं में कॉल सेंटर से संपर्क स्थापित करने में कठिनाई तथा समय पर एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं होने जैसी स्थितियां सामने आईं, जिसके कारण मरीजों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा. यह भी उल्लेखनीय है कि इस प्रकार की घटनाएं प्रदेश में पहली बार नहीं हुई हैं, बल्कि पूर्व में भी कई बार 108 एम्बुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठते रहे हैं. इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार देखने को नहीं मिल रहा है.
कड़ी कार्रवाई आवश्यक
ऐसे में गंभीर सवाल उठता है कि बार-बार सामने आ रही इन घटनाओं के बावजूद अब तक माननीय स्वास्थ्य मंत्री द्वारा इस पूरे मामले में संज्ञान क्यों नहीं लिया गया है. आमजन के बीच यह धारणा बन रही है कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई की जाती, तो स्थिति में सुधार संभव था. साथ ही यह अपेक्षा की जाती रही है कि ऐसी परिस्थितियों में सेवा संचालन कर रही संस्था ‘सम्मान फाउंडेशन’ की कार्यप्रणाली की व्यापक समीक्षा कर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए.
108 एम्बुलेंस सेवा स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी
राज्य में 108 एम्बुलेंस सेवा आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी है. ऐसे में इसकी विश्वसनीयता और गतिशीलता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है. वर्तमान परिस्थितियां इस दिशा में गंभीर समीक्षा और त्वरित निर्णय की आवश्यकता को दर्शाती हैं.
इसे भी पढ़ें : रिम्स में निदेशक पुत्र की नियुक्ति पर बवाल, नया पद सृजित कर हुई निदेशक पुत्र की नियुक्ति
उक्त घटनाएं यह संकेत देती हैं कि 108 एम्बुलेंस सेवा की व्यवस्था में सुधार हेतु ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाने की आवश्यकता है. उम्मीद है कि संबंधित प्राधिकार इस विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे.
