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RANCHI : सात जनवरी को खूंटी में सोमा मुंडा की हत्या कर दी जाती है. सोमा मुंडा एक पड़हा राजा होने के साथ-साथ एक जाने माने सनाजसेवी भी थे. आदिवासी समाज में उनकी पकड़ काफी मजबूत थी. इन सारी बातों का ख्याल रखते हुए पुलिस ने ताबड़तोड़ गिरफ्तारी करनी शुरू कर दी.
हत्याकांड के 6 दिन बाद ही पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया. सातों को आनन-फानन में मीडिया के सामने पेश कर जेल भेज दिया गया. लेकिन अपनी इसी कार्यवाही की वजह से अब पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं. पुलिस की इस कार्यवाही का लगातार विरोध हो रहा है.
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आदिवासी समाज गिरफ्तारी से नाराज
होना तो यह चाहिए था कि सोमा मुंडा हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद खूंटी पुलिस के जयकारे लगें. लेकिन इसके उल्ट पुलिस का ही विरोध हो रहा है. विरोध ऐसा कि पूरे झारखंड को एक दिन के लिए बंद कर दिया गया. जिसका व्यापक असर रांची, खूंटी और चाईबासा आस-पास इलाकों में साफ तौर से देखा गया. खूंटी के लोगों का आरोप है कि पुलिस ने जिन लोगों को सोमा मुंडा हत्याकांड में गिरफ्तार किया है, वो बेकसूर हैं. पुलिस ने सिर्फ अपनी वाहवाही के लिए इन लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोप यह भी लग रहा है कि जिनकी गिरफ्तारी की गयी है, वो सोमा मुंडा के साथ काम किया करते थे. ऐसा गिरफ्तार हुए लोगों के घरवाले ही नहीं बल्कि पूरा आदिवासी समाज बोल रहा है. अगर पुलिस की इस कार्यवाही से पब्लिक खुश रहती तो फिर झारखंड बंद का आयोजन ही क्यों होता? ऐसे तमाम वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं, जिनमें पुलिस के खिलाफ नारेबाजी हो रही है और गिरफ्तार आरोपियों को निर्दोष बताया जा रहा है. हालांकि यह सारा मामला पुलिस जांच का हिस्सा है.
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पालकोट राजा की गिरफ्तारी को लेकर भी भारी विरोध
पुलिस ने सोमा मुंडा हत्याकांड में एक ऐसे शख्स को आरोपी बनाया है, जिसका विरोध काफी जमकर हो रहा है. दरअसल पुलिस ने सोमा मुंडा हत्याकांड के आरोप में पालकोट के राजा देवब्रत नाथ शाहदेव को आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया और जेल भेज दिया. जबकि पालकोट के लोगों और उनके घरवालों को कहना है कि जिस जमीन की खरीद ब्रिकी की बात पुलिस कर रही है, उस जमीन से देवब्रत नाथ शाददेव का दूर-दूर तक कोई रिश्ता ही नही है. देवब्रत की गिरफ्तारी पर भी सवाल उठ रहे हैं. हमारे पुख्ता सूत्रों का कहना है कि देवब्रत नाथ शाहदेव को कांके थाना ने पहले बिना किसी नोटिस या वारंट ने अपनी हिरासत में लिया और फिर एक दिन के बाद रात के अंधेरे में (दो बजे) खूंटी पुलिस को सौंप दिया. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब देवब्रत पुलिस की नजरों में आरोपी था, तो ऐसी आंखमिचौनी कर पुलिस ने उसे क्यों गिरफ्तार किया. आखिर ऐसी कौन सी वजह थी कि रात के अंधेरे में कांके पुलिस ने खूंटी पुलिस को सौंपा. वहीं दूसरी तरफ पालकोट के लोगों में इस गिरफ्तारी को लेकर काफी आक्रोश देखा जा रहा है. बीते कल यानी रविवार पूरे पालकोट को बंद किया गया. लोग सड़क पर उतरे और पुलिस की कार्यवाही पर सवाल खड़े किए गए. वहीं देवब्रत की गिरफ्तारी या फिर पुलिस के रवैये पर देवब्रत के परिवार ने होईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. ईलिगल डिटेंशन को लेकर होईकोर्ट ने रांची एसएसपी के अलावा कांके थाना प्रभारी और खूंटी थाना प्रभारी को सशरीर तलब किया. हालांकि सुनवाई जारी है, यह देखने की बात होगी कि कोर्ट का रुख क्या होता है.
