RANCHI : झारखंड सरकार आगामी अबुआ दिशाेम बजट 2026-27 की तैयारी को लेकर सक्रिय है. बजट की तैयारियों को लेकर झारखंड मंत्रालय में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की अध्यक्षता में दो दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया. इस संगोष्ठी में आगामी बजट के स्वरूप को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव आए.
संगोष्ठी में आए सुझावों के आधार पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने अधिकारियों को बजट को जनकल्याणकारी बनाने पर विशेष बल दिया. साथ ही बजट का बेहतर ढंग से उपयोग हो इसको ध्यान में रख कर सभी विभागों को व्यय पर फोकस करने का निर्देश दिया. वित्त मंत्री ने कहा कि बजट को जनकल्याणकारी के साथ-साथ लोकतांत्रिक होना चाहिए. पोषाहार योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों को प्राप्त हो इस पर भी ध्यान देने की जरूरत है. साथ ही सीएसआर फंड को ऑर्गेनाइज करने की आवश्यकता बताई.
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“रजत बजट” हो जनकल्याणकारी
वित्त मंत्री ने इस वर्ष के बजट को, बजट कार्यक्रमों के 25 वर्ष पूरे होने पर “रजत बजट” की संज्ञा दी. उन्होंने कहा कि यह “रजत बजट” ऐसा हो जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो. राज्य के कमजोर वर्गों की आर्थिक उन्नति हो. शिक्षा में जो बुनियादी जरूरतें हैं उनको पूरा किया जा सके. ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सुविधा को मजबूत बनाने. कृषि में उत्पादन दर को बढ़ाने. ग्रामीण अर्थव्यवस्था जो मुख्यतः कृषि पर निर्भर है उसे सुदृढ़ करने पर बल दिया.
इसके अलावा जन वितरण प्रणाली को और पोषणयुक्त बनाने के अंतर्गत दाल, अंडा और मिलेट्स अर्थात मोटा अनाज देने पर भी सुझाव आया. हालांकि वित्त मंत्री ने राज्य में अंडों के अल्प उत्पादन को रेखांकित करते हुए अंडों के सप्लाई चैन को जमीनी स्तर से मजबूत करने पर भी बल दिया.
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