RANCHI : बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर गुरुवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने झारखंड की परंपरा और बढ़ती हुई आर्थिक आत्मनिर्भरता को एक सूत्र में पिरो दिया. अवसर था अपने एकदिवसीय झारखंड दौरे पर पहुंची राष्ट्रपति की विदाई का. भारत की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की विदाई का क्षण झारखंड की सखी मंडल की दीदियों के परिश्रम और राज्य की उभरती पहचान का गवाह बना.
झारखंड के राजकीय दौरे की समाप्ति पर महामहिम राष्ट्रपति को विदाई देने के लिए माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह उपस्थित थे. इस अवसर पर महामहिम को विदाई स्वरूप ‘पलाश’ ब्रांड का एक विशेष उपहार भेंट किया गया. यह उपहार केवल एक वस्तु नहीं, बल्कि झारखंड की लाखों ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, उनकी उम्मीदों और उनके स्वावलंबन का प्रतीक था. राष्ट्रपति महोदया ने इस भेंट को अत्यंत आत्मीयता के साथ स्वीकार किया, जो राज्य की महिलाओं के लिए एक बड़े प्रोत्साहन के रूप में देखा जा रहा है.

’पलाश’ ब्रांड: महिला सशक्तिकरण का नाम
झारखंड के जंगलों और खेतों में पलाश के फूलों की लालिमा जिस तरह प्राकृतिक सुंदरता बिखेरती है, ठीक उसी तरह ‘पलाश’ ब्रांड राज्य की ग्रामीण महिलाओं के जीवन में खुशहाली का रंग भर रहा है.
‘पलाश’ ब्रांड के पीछे झारखंड की उन ‘सखी मंडल’ की दीदियों की मेहनत है, जिन्होंने पारंपरिक सीमाओं को लांघकर उद्यमिता की राह चुनी है. ग्रामीण विकास विभाग के तत्वावधान में राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी (JSLPS) के माध्यम से आज हजारों महिलाएं संगठित होकर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार कर रही हैं. पलाश के अंतर्गत शुद्ध सरसों तेल, शहद, मड़ुआ आटा, विभिन्न प्रकार की दालें, मसाले, लेमन ग्रास ऑयल और हस्तशिल्प जैसी वस्तुएं शामिल हैं. इन उत्पादों की सबसे बड़ी विशेषता इनकी प्राकृतिक शुद्धता और स्थानीयता है. यह ब्रांड अब केवल ग्रामीण हाट-बाजारों तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़े शहरों के रिटेल आउटलेट्स और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर भी अपनी धाक जमा रहा है.
ग्रामीण अर्थव्यवस्था का स्तंभ
झारखंड सरकार का लक्ष्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को केवल कृषि तक सीमित न रखकर उसे ‘वैल्यू एडिशन’ (मूल्य संवर्धन) से जोड़ना है. सखी मंडल की महिलाएं स्थानीय रूप से उपलब्ध संसाधनों (जैसे महुआ, इमली, लाह) का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण कर रही हैं. पलाश के माध्यम से होने वाली आय सीधे उन महिलाओं के बैंक खातों में पहुंचती है, जिससे उनके परिवार के जीवन स्तर में सुधार आया है. बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर होने वाला खर्च अब उनके लिए बोझ नहीं रहा. ग्रामीण विकास विभाग द्वारा इन महिलाओं को आधुनिक पैकेजिंग, ब्रांडिंग, मार्केटिंग और संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है.
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झारखंड सरकार ने इस अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों से एक विशेष अपील की है. राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए यह अनिवार्य है कि हम अपने स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें. जब आप पलाश का एक उत्पाद खरीदते हैं, तो आप सीधे तौर पर एक ग्रामीण महिला के सपनों में निवेश करते हैं. सरकार का आह्वान है कि उपहार देने की संस्कृति में ‘पलाश’ के हस्तशिल्प को शामिल किया जाए.
