Arafat
PAKUR : अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध के खौफनाक मंजर से प्रभावित देशों में रहने वाले प्रवासियों के परिजनों की चिंता स्वाभाविक है. शिक्षा और रोजगार की तलाश में विदेशों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर उनके परिजन चिंतित हैं. एक तरफ जहां परिजनों को उनकी सुरक्षा की फिक्र सता रही है, वहीं पाकुड़ के ग्रामीण इलाकों से कुवैत और सऊदी जैसे देशों में रह रहे प्रवासी पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं.
इसे भी पढ़ें : नामकुम थाना में हिरासत में आरोपी की आत्महत्या पर बड़ी कार्रवाई, पांच पुलिसकर्मी निलंबित
पूरी तरह सुरक्षित
अब तक की जानकारी के मुताबिक पाकुड़ के ग्रामीण इलाकों से कई लोगों के कुवैत और सऊदी में मौजूद होने की खबर मिली है. जो शिक्षा, रोजगार या अन्य वजहों से कुवैत और सऊदी जैसे देशों में रह रहे हैं. युद्ध की आंच फिलहाल इन लोगों से काफी दूर है, फिर भी परिजनों में चिंता लाजिमी है. इन देशों में (कुवैत और सऊदी) ईरान की ओर से अमेरिकी बेस और अन्य ठिकानों को लगातार निशाना बनाए जाने की खबर सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों में देखी जा रही है. ईरान की ओर से लगातार मिसाइलें दागी जा रही हैं, ऐसी खबरें मीडिया में आ रही है. इससे उन परिवारों को अपने परिजन की फिक्र जरुर सता रही है, जिन परिवारों से जुड़े लोग इन प्रभावित देशों में मौजूद हैं. हालांकि परिजन लगातार उनके संपर्क में हैं और पूरी तरह से सुरक्षित बताए जा रहे हैं. जिससे परिजन राहत भी महसूस कर रहे हैं. इन दोनों देशों में रहने वाले कई लोगों से दूरभाष पर हमारी बात हुई, जिन्होंने पूरी तरह सुरक्षित होने की बात कही.
छोटे भाई की फिक्र
जिन लोगों से हमारी बात हुई, उनमें पाकुड़ सदर ब्लॉक के कुसमानगर गांव के मौलाना माहरुद्दीन मदनी साहब एवं ईलामी गांव के युवा आलमगीर आलम, भाई सरफराज आलम, अब्दुर रहमान आदि शामिल हैं. सऊदी में रह रहे मौलाना माहरुद्दीन मदनी साहब ने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है-हम पूरी तरह से सुरक्षित हैं और प्रभावित इलाकों से काफी दूर भी हैं. उन्होंने कहा कि परिवार से लगातार बात हो रही है. आलमगीर आलम ने बताया कि मैं सऊदी के रियाद में रह रहा हूं, वहां किसी भी तरह की दिक्कतें नहीं है. मैं बिल्कुल सुरक्षित हूं. आलमगीर ने बताया कि मेरा एक भाई सरफराज आलम कुवैत के अलजहरा में है. यह कुवैत शहर से सैंकड़ों किलोमीटर दूर है. हालांकि यह क्षेत्र ईरान का सीमाई इलाका भी है. भाई की थोड़ी फिक्र जरुर हो रही है. लेकिन वह भी पूरी तरह से सुरक्षित है. कुवैत में जहां रह रहा है, उससे कुछ दूरी पर हमला हुआ है. आलमगीर ने बताया कि परिजनों से लगातार बात हो रही है. फिलहाल किसी भी तरह की दिक्कत अभी तक नहीं है. इधर इनके अलावा ईलामी गांव के ही कई और लोगों के सऊदी में रहने की खबर है, जो पूरी तरह से सुरक्षित बताए जा रहे हैं.
इसे भी पढ़ें : हजारीबाग में अपराधियों ने एक कोयला कारोबारी और एक ग्रामीण को मौत के घाट उतारा
