Ritika
RANCHI : झारखंड में अगले पंचायत चुनाव को लेकर राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं. संभावना है कि वर्ष 2027 के अप्रैल–मई महीने में पंचायत चुनाव कराए जाएंगे. इस बार चुनाव की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि नगर निकाय चुनाव की तरह पंचायत चुनाव में भी ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) को आरक्षण दिया जाएगा. जनसंख्या के आधार पर ओबीसी-वन, ओबीसी-टू और ओबीसी महिला वर्ग के लिए पंचायत की सीटें आरक्षित की जाएंगी. इसके लिए पंचायत स्तर पर ओबीसी आबादी की गणना कराई जाएगी.
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झारखंड के पंचायत चुनाव में पहली बार
यह झारखंड के पंचायत चुनाव के इतिहास में पहली बार होगा जब ओबीसी वर्ग को पंचायत चुनाव में आरक्षण का लाभ मिलेगा. राज्य सरकार ने इस दिशा में प्रारंभिक प्रक्रिया शुरू कर दी है. विभिन्न राज्यों में चुनाव के दौरान बतौर पर्यवेक्षक गए आईएएस अधिकारियों के लौटने के बाद पंचायती राज विभाग ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया शुरू करने पर अंतिम निर्णय लेगा.
चुनाव से पहले सरकार के प्रमुख तीन काम
दरअसल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार ओबीसी आरक्षण लागू करने से पहले ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य होता है. इस प्रक्रिया के तहत सरकार को तीन प्रमुख कार्य पूरे करने होंगे:
पहला, पिछड़ा वर्ग आयोग को पंचायत क्षेत्रों में जाकर ओबीसी की कुल जनसंख्या और उनकी राजनीतिक भागीदारी से संबंधित विस्तृत डेटा एकत्र कर अंतिम रिपोर्ट तैयार करनी होगी.
दूसरा, यह सुनिश्चित करना होगा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी को मिलने वाला कुल आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक न हो.
तीसरा, एकत्रित आंकड़ों के आधार पर रोटेशन प्रणाली के तहत यह तय किया जाएगा कि किस पंचायत या वार्ड को ओबीसी के लिए आरक्षित किया जाएगा.
झारखंड में ओबीसी वोट बैंक
राज्य में वर्तमान में कुल 4345 ग्राम पंचायतें, 264 पंचायत समितियां और 24 जिला परिषद हैं. वर्ष 2022 के पंचायत चुनाव में ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण ओबीसी को आरक्षण नहीं दिया जा सका था और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ओबीसी के लिए प्रस्तावित सीटों को सामान्य घोषित कर चुनाव कराए गए थे. उस समय यह मुद्दा बड़ा राजनीतिक विवाद बन गया था और विपक्ष ने राज्य सरकार को घेरा था. अब सरकार चाहती है कि वर्ष 2027 के चुनाव से पहले सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएं, क्योंकि झारखंड में ओबीसी एक बड़ा वोट बैंक है और इस मुद्दे पर सरकार पर राजनीतिक दबाव भी बना रहेगा.
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