RANCHI : मौसीबाड़ी खटाल मल्लारकोचा से अपहृत 5 वर्षीय अंश और 4 वर्षीय अंशिका की छह दिन बीत जाने के बाद भी सकुशल वापसी का कोई ठोस सुराग नहीं मिलने से परिजनों और स्थानीय लोगों में गहरी चिंता व्याप्त है. इस मामले को लेकर बुधवार को मौसीबाड़ी खटाल मल्लारकोचा में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता बच्चों के पिता सुनील यादव ने की. मौसीबाड़ी से अपहृत अंश – अंशिका का 6वें दिन भी कोई सुराग नहीं, जनांदोलन तेज करने का निर्णय
बैठक में स्थानीय लोगों के साथ-साथ रांची शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए. सभी ने अपहरण की इस घटना को अत्यंत दुखद और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा विषय बताते हुए प्रशासन से त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की मांग की.
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जनांदोलन को मिलेगा संगठित रूप
बैठक के दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक अंश और अंशिका की सकुशल घर वापसी नहीं हो जाती, तब तक एक ठोस रणनीति के तहत आंदोलन को तेज किया जाएगा. इसके लिए “अंश–अंशिका बचाओ संघर्ष समिति” के बैनर तले सभी आगामी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
इस क्रम में 35 सदस्यीय संयोजक मंडल का गठन किया गया. बैठक में निर्णय लिया गया कि विगत दिनों से जनसमूह का नेतृत्व कर रहे राजद नेता कैलाश यादव को अंश–अंशिका बचाओ संघर्ष समिति का संयोजक नियुक्त किया जाए. उनके नेतृत्व में ही सभी आंदोलनात्मक कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे. विभिन्न सामाजिक संगठनों और क्षेत्रों से जुड़े 35 प्रमुख लोगों को संयोजक सदस्य बनाया गया है, जो सामूहिक रूप से कार्य करेंगे.
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प्रशासन से सवाल भी, सहयोग भी : कैलाश यादव
संयोजक कैलाश यादव ने कहा कि छह दिन बीत जाने के बावजूद अंश – अंशिका की सकुशल वापसी का कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है. प्रशासन द्वारा परिजनों को लगातार यह भरोसा दिया जा रहा है कि जल्द कोई अच्छी खबर मिलेगी, लेकिन अब परिवार का धैर्य टूटने लगा है.
उन्होंने कहा कि जनसमूह प्रशासन को पूरा सहयोग करेगा, लेकिन साथ ही जवाबदेही तय करने के लिए सवाल भी पूछेगा. यादव ने रांचीवासियों और राज्य के लोगों से अपील करते हुए कहा कि मानवता के नाते सभी लोग अंश और अंशिका की सकुशल वापसी के लिए दुआ करें.
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नागरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी से नहीं भाग सकता प्रशासन
कैलाश यादव ने कहा कि पिछले दो दिनों से प्रशासन की कार्रवाई में तेजी आई है। यदि शुरुआत से ही इसी गंभीरता से प्रयास किए जाते, तो शायद अब तक सफलता मिल चुकी होती. उन्होंने कहा कि प्रशासन नागरिक सुरक्षा का प्रहरी है और इस जिम्मेदारी से भाग नहीं सकता.
मुख्यमंत्री से मुलाकात का निर्णय
अंश – अंशिका बचाओ संघर्ष समिति की ओर से निर्णय लिया गया है कि जल्द ही राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात के लिए समय लिया जाएगा. इसके बाद समिति का एक विशेष प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलकर पूरे मामले की जानकारी देगा. इसके उपरांत आगे की बड़ी जनांदोलन की घोषणा की जाएगी.
