RANCHI/DHANBAD : धनबाद के पूर्व विधायक और वर्तमान में मेयर प्रत्याशी चर्चित सिंह मेंशन के संजीव सिंह एक बार फिर से चर्चा में हैं. मेयर प्रत्याशी रहने की वजह से वो तो चर्चा में हैं ही, लेकिन इस बार वो अपने भाई मनीष सिंह उर्फ सिद्धार्थ गौतम की वजह से चर्चा में है. दरअसल धनबाद के झरिया क्षेत्र में बीसीसीएल के लिए आउटसोर्सिंग करने वाली कंपनी सांई श्री इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड ने संजीव सिंह के भाई मनीष सिंह पर गंभीर आरोप लगाया है. आरोप लगा है कि मनीष सिंह ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर कंपनी की मशीनरी चोरी कर ली है. चोरी करने के बाद कुछ मशीनों को कटर से काटकर बाजार में बेच दिया, तो वहीं कुछ मशीन से वो अवैध उत्खनन का काम कर रहे हैं. धनबाद के तीसरा थाना में कंपनी के सीईओ मंथेना राजा गोपाला राजू ने इस मामले में नवंबर महीने में लिखित शिकायत की थी. जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया.
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क्या लगाया आरोप
कंपनी के सीईओ मंथेना राजा गोपाला राजू ने अपने लिखित आवेदन में कहा है कि झरिया इलाके में बीसीसीएल का आउटसोर्सिंग का काम कंपनी संभाल रही थी. लेकिन अचानक उत्खनन का काम 2016 में स्थगित हो गया. 28 नवंबर 2017 को उनकी कंपनी की मशीन चोरी हो गई. उनका कहना है कि जब वह 28 नवंबर को वापस अपनी मशीन लेने पहुंचे तो देखा कि वहां कोई मशीन नहीं है. सभी मशीन चोरी हो चुकी है. फिर काफी खोजने के बाद उन्हें भूली थाना क्षेत्र में 17 फरवरी 2021 को मशीनें मिली. आगे उन्होंने कहा कि जब मशीनों को अच्छी तरह से देखा तो पाया कि कई मशीनों के चेचिस और इंजन नंबर से छेड़छाड़ की गई थी. कई मशीन को गैस कटर से कटकर टुकड़ों में तब्दील कर दिया गया था.
कंपनी के कर्मियों को दी जान से मारने की धमकी
कंपनी के सीईओ ने आरोप लगाया है कि जब वह मशीन देखने के लिए भूली क्षेत्र में पहुंचे तो इस वक्त सत्येंद्र कुमार सिंह और संतोष कुमार सिंह मौके पर आए और दावा किया कि यह मशीन है मनीष सिंह उर्फ सिद्धार्थ गौतम की है. और इसे यहां शैलेंद्र सिंह उसे छोटू सिंह ने पहुंचाया है. दोनों आरोपियों ने खुद को मशीनों का कस्टोडियन बताया. साथ ही कंपनी के सीईओ और वहां मौजूद कंपनी के स्टाफ को जान से मारने की धमकी दी और दूसरे मशीन को देखने से जबरन रोका.
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कंपनी कैंप पहुंचकर मशीनें लूटी और दी धमकी
आगे कंपनी के सीईओ लिखते हैं कि 5 नवंबर को रात लगभग 10 बजे शैलेंद्र सिंह, सत्येंद्र कुमार सिंह, संतोष कुमार सिंह और मनीष सिंह के साथ लगभग 10 और हथियारबंद लोग उनके कैंप पहुंचे. मशीनों को हथियार के बल पर जबरन लूट लिया. कंपनी कर्मी जिंकल जगदीश्वर रेड्डी और अन्य कर्मचारियों को हत्या की धमकी देकर चुप रहने को मजबूर किया. डर और दबाव की वजह से उन्होंने सालों तक घटना को सार्वजनिक नहीं किया. कंपनी के सीईओ आगे अपनी शिकायत में लिखते हैं की लूट में शामिल आरोपियों ने कई मशीनों को स्क्रैप मार्केट में अवैध रूप से बेच दिया. शेष मशीनों को गैरकानूनी खनन कार्यों में इस्तेमाल किया. कंपनी के सीईओ का कहना है कि जब भी वह मशीन वापस करने की बात करते हैं तो उन्हें डराया और धमकाया जाता है साथ ही जान से मारने की धमकी दी जाती थी.
