RANCHI : हिरासत में मौत को लेकर एक बड़ी कार्रवाई की गई है. राजधानी रांची के नामकुम थाना के हाजत में एक आरोपी द्वारा आत्महत्या करने के मामले में रांची एसएसपी ने पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया. इसके अलावा थाने के चौकीदार और चालक पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्देश दिया है. मृतक पहले से एक बच्चे के अपहरण और उसकी हत्या का आरोपी था. इस सनसनीखेज घटना से विभाग में हड़कंप मच गया. आरोपी की पहचान 45 वर्षीय जगाई मुंडा के रूप में की गई है.
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मामला क्या है
नामकुम थाना के हाजत में बंद, एक 12 वर्षीय बच्चे के अपहरण और फिर उसकी हत्या का आरोपी 45 वर्षीय जगाई मुंडा ने पुलिस हिरासत में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. आरोपी ने पुलिस हिरासत में ठंड से बचने के लिए दिए गए कम्बल के कवर के सहारे फांसी लगा ली. मृतक जगाई मुंडा खूंटी जिले के सायको का रहने वाला था. शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया गया है.
अपहरण फिर हत्या
पुलिस के अनुसार जगाई मुंडा का खूंटी की ही एक महिला के साथ अवैध संबंध था. जगाई की पत्नी को इसका पता चलने पर महिला ने जगाई से मिलना-जुलना छोड़ दिया. इससे नाराज होकर जगाई ने महिला को धमकाते हुए उसके बेटे को जान से मारने की धमकी दी. 2 मार्च को जगाई ने बच्चे का अपहरण कर भुइयांडीह के जंगल में उसे गला घोंटकर मार डाला.
3 मार्च को बच्चे की मां की ओर से दर्ज एफआईआर पर पुलिस ने जगाई मुंडा को धर-दबोचा. पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर बच्चे का शव बरामद किया.
निलंबन
हाजत में आरोपी की आत्महत्या पर डीएसपी और रांची पुलिस प्रवक्ता अमर पांडे ने बताया कि मामले की गहराई से पड़ताल के लिए एक जांच समिति का गठन किया गया है. रांची एसएसपी ने निगरानी एवं सुरक्षा के लिए पहरा ड्यूटी में तैनात पुलिस पदाधिकारी एएसआई प्रभुवन कुमार, हवलदार सुधीर शर्मा, हवलदार गयानंद, आरक्षी मुकेश ठाकुर और राहुल प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. साथ ही नामकुम थाना प्रभारी मनोज कुमार के निलंबन के लिए कार्रवाई की जा रही है.
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