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PAKUR : कोयला माफियाओं ने कालिदासपुर पंचायत को अपने अवैध धंधे का पनाहगाह बना रखा है. अवैध तरीके से चोरी के कोयले का स्टॉक कर खुलेआम धंधा चला रहे हैं. इसमें पाली गांव के कथित मिथुन नाम का लड़का और बरहरवा के माफियाओं के शामिल होने की चर्चा है. सूत्रों के मुताबिक ये माफिया कालिदासपुर गांव और परालबोना गांव में चोरी का कोयला खरीद कर स्टॉक करते हैं. इसके बाद रात के अंधेरे में बड़े वाहनों से साहिबगंज जिले में संचालित ईंट भट्ठों में आपूर्ति करते हैं. इससे कोयला माफियाओं को भारी भरकम फायदा होता है. साइकिल और बाइक पर लादकर चोरी का कोयला ढोने वालों से कोयला खरीदा जाता है.
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सूत्रों का दावा है कि पिछले करीब छह महीने से कोयला का अवैध धंधा चलाया जा रहा है. एक तरफ प्रशासन कोयला चोरी या कोयले के गैरकानूनी धंधे को लेकर काफी सख्त है और कार्रवाई भी कर रही है. वहीं दूसरी तरफ कोयला माफिया प्रशासन को चुनौती देने का काम कर रहे हैं. ये कोयला माफिया इतने शातिर हैं कि कोयला का स्टॉक बेहद ही सुनसान जगहों पर करते हैं. जहां पुलिस की भी जल्दी नजर नहीं पहुंचती है. हालांकि लोगों में चर्चा है कि कोयला माफिया कितने भी शातिर क्यों ना हों, पाकुड़ पुलिस से बचना मुश्किल है.
