RANCHI : झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी JSSC के माध्यम से होने वाली नियुक्तियों में बड़ा बदलाव किया गया है. अब JSSC की भर्तियों में दो चरणों में परीक्षा आयोजित की जाएगी. पहले प्रारंभिक परीक्षा होगी और इसमें सफल अभ्यर्थियों को ही मुख्य परीक्षा में शामिल होने का मौका मिलेगा. हालांकि यदि किसी पद के लिए 50 हजार से कम आवेदन प्राप्त होते हैं तो सीधे मुख्य परीक्षा आयोजित की जाएगी. यह बदलाव राज्य सरकार के कार्मिक विभाग द्वारा किया गया है. कैबिनेट की स्वीकृति के बाद विभाग ने तीन नियुक्ति नियमावलियों में संशोधन कर इसकी अधिसूचना जारी कर दी है और इसकी जानकारी JSSC को भेज दी गई है.
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नई व्यवस्था के तहत सभी परीक्षाएं वस्तुनिष्ठ और बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित होंगी. प्रत्येक प्रश्न तीन अंक का होगा. सही उत्तर पर तीन अंक मिलेंगे जबकि गलत उत्तर देने पर एक अंक की कटौती की जाएगी यानी निगेटिव मार्किंग लागू होगी. प्रारंभिक परीक्षा दो घंटे की होगी जिसमें कुल 120 प्रश्न पूछे जाएंगे. इसमें सामान्य अध्ययन से 30 प्रश्न झारखंड राज्य से संबंधित 60 प्रश्न सामान्य गणित से 10 सामान्य विज्ञान से 10 और मानसिक क्षमता से 10 प्रश्न शामिल होंगे.प्रारंभिक परीक्षा के अंकों के आधार पर मेधा सूची तैयार की जाएगी और कुल रिक्तियों के 15 गुना अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए चयनित किया जाएगा.
आरक्षित और अनारक्षित वर्ग के लिए न्यूनतम उत्तीर्ण प्रतिशत भी तय कर दिया गया है. अनारक्षित और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 40 प्रतिशत एससी एसटी और महिला वर्ग के लिए 32 प्रतिशत अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 34 प्रतिशत पिछड़ा वर्ग के लिए 36.5 प्रतिशत और आदिम जनजाति के लिए 30 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य होगा.यह संशोधन मैट्रिक स्तर और इंटरमीडिएट स्तर की JSSC परीक्षाओं की नियमावलियों में लागू किया गया है. नए नियमों से JSSC की भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक होने की उम्मीद की जा रही है.
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