BERMO : डीवीसी, बोकारो थर्मल पावर प्लांट में सप्लाई मजदूर के पद पर कार्यरत अशोक कुमार की 23 वर्षीय बेटी जसु को विवाह के महज एक वर्ष बाद ही बिहार के सोनपुर में दहेज लोलुपों ने बुरी तरह से तड़पाकर मार डाला. घटना के बाद बोकारो थर्मल थाना प्रभारी पिंकू कुमार यादव की सक्रियता एवं सोनुपर पुलिस से संपर्क के बाद सोनपुर की पुलिस की तत्परता ने अंतिम संस्कार के लिए चिता पर रखे जसु के शव को ना सिर्फ बरामद किया बल्कि पति कुश कुमार एवं ससुर जयराम पांडेय को गिरफ्तार कर लिया. जबकि मृतका की सास एवं जेठ दोनों फरार हैं.

घटना की जानकारी मिलने के बाद सोनपुर गये मुर्गी फार्म कॉलोनी निवासी तथा डीवीसी पावर प्लांट के सीएचपी में कार्यरत बतौर सप्लाई मजदूर अशोक कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने अपने सामर्थ्य के अनुसार अपनी बेटी का विवाह 25 नवंबर 2024 को इस्माइल चक, थाना सोनुपर, जिला छपरा निवासी जयराम पांडेय के पुत्र कुश कुमार से किया था. विवाह के बाद ससुराल जाने के महज पांच माह बाद से ही पति एवं ससुर के द्वारा और रुपये की मांग की जाने लगी. उन्होंने तीन बार में दो लाख रुपये दिये. बावजूद उनकी मांग जारी रही.
विगत् नवंबर में फिर से रुपये की मांग पर उन्होंने देने से इंकार कर दिया. 29 दिसम्बर को बेटी के ससुराल से किसी ने मोबाइल पर बेटी के मौत की सूचना दी और अंतिम संस्कार के लिए उसे घाट ले जाने की जानकारी दी. अशोक कुमार ने तत्काल बोकारो थर्मल थाना प्रभारी पिंकू कुमार यादव को सारी बात बताई और सोनपुर पुलिस से अंतिम संस्कार रुकवाने की मांग की. थाना प्रभारी ने सोनपुर थाना प्रभारी से संपर्क कर जानकारी साझा की. सोनपुर पुलिस ने घाट से शव को कब्जे में लिया. अशोक सिंह ने बताया कि उनकी बेटी के गर्दन एवं दाहिने बांह की हड्डी टूटी हुई थी और जांघ एवं पैर के तलवे में सुई एवं कांटी घुसाया हुआ था. सोनपुर पुलिस ने घाट से ही पति कुश कुमार एवं ससुर जयराम पांडेय को गिरफ्तार कर लिया. जबकि गिरफ्तारी की सूचना पा कर मृतका की सास निम्मी पांडये एवं जेठ फरार हो गये.
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सोमवार को सोनुपर से बेटी का अंतिम संस्कार संपन्न करवाकर बोकारो थर्मल पहुंचने पर अशोक कुमार ने घटना की पूरी जानकारी साझा की और कहा कि उनकी फूल जैसी सुंदर बेटी को शादी के महज एक साल में ही दहेज लोलुपों ने मार डाला. बेबस पिता की आंखों से बहते आंसू घटना को बयां करते हुए थमने का नाम नहीं ले रहे थे.
