ASSAM : असम विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनज़र खूमतई विधानसभा क्षेत्र में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. गुरुवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की प्रस्तावित जनसभा से पहले झामुमो के केंद्रीय सचिव सह प्रवक्ता एवं स्टार प्रचारक पंकज मिश्रा ने मंच से जोरदार हुंकार भरते हुए भाजपा सरकार, खासकर हिमंता बिस्वा शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार पर तीखा हमला बोला.
इसे भी पढ़ें : असम में JMM का जनसंपर्क तेज, कल्पना सोरेन ने भूबेन मुरारी के लिए मांगे वोट

चाय बागान का आधार मजदूर
जनसभा को संबोधित करते हुए पंकज मिश्रा ने खूमतई विधानसभा क्षेत्र के जमीनी मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र चाय बागानों में काम करने वाले हजारों मजदूरों की मेहनत पर टिका है, लेकिन वर्षों से इन मजदूरों का शोषण होता आ रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने मजदूरों की स्थिति सुधारने के बजाय उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया है.

मजदूरों की मजदूरी बढ़ाई जाएगी
पंकज मिश्रा ने अपने भाषण में कहा कि असम के चाय बागानों में काम करने वाले मजदूरों की मेहनत से यहां की अर्थव्यवस्था चलती है, लेकिन उन्हें आज भी मात्र 250 रुपए की दिहाड़ी मिल रही है. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. महागठबंधन की सरकार बनते ही सबसे पहले इन मजदूरों की मजदूरी बढ़ाई जाएगी और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाया जाएगा.

टी ट्राइब्स को एसटी का दर्जा
उन्होंने आगे कहा कि खूमतई सहित पूरे क्षेत्र में रहने वाले पहाड़ी मजदूरों और वंचित समुदायों को अब उनका हक दिलाने का समय आ गया है. हम वादा करते हैं कि वैसे ट्राइबल्स जिनको अभी तक एसटी का दर्जा नहीं मिला है उनको एसटी का दर्जा दिलाने के लिए ठोस पहल की जाएगी, ताकि उन्हें शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा का पूरा लाभ मिल सके.
इसे भी पढ़ें : असम विधानसभा चुनाव : हेमंत ने हिमंता को दी चुनौती, फोकस टी-ट्राइब और आदिवासी समुदाय पर

असम में बदलाव के लिए आगे आयें लोग
पंकज मिश्रा ने भाजपा सरकार पर हमला तेज करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने केवल बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन जमीनी स्तर पर आम लोगों को कोई राहत नहीं मिली. उन्होंने जनता से अपील की कि वे बदलाव के लिए आगे आएं और झामुमो प्रत्याशी अमित नाग को समर्थन देकर एक नई दिशा दें.
जनसभा स्थल पर मौजूद लोगों में पंकज मिश्रा के भाषण को लेकर खासा उत्साह देखा गया. अब सभी की नजर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संबोधन पर टिकी है, जिसे लेकर क्षेत्र में राजनीतिक माहौल और अधिक गरमाने की संभावना है.
