RANCHI : शुक्रवार को झारखंड के 48 नगर निकाय चुनाव में आरक्षण को लेकर सूची जारी होते ही सभी प्रत्याशी अपनी तैयारियों में जुट गए हैं. हालांकि अभी तक चुनाव की तिथि की घोषणा नहीं हुई है लेकिन फिर भी उम्मीदवार अपने निकाय के वार्डों में चक्कर लगाते देखे जा रहे हैं. उनके वार्ड की रोड, नाली, पानी की समस्या को दूर करने का वादा कर रहे हैं. यह माना जा रहा है कि चुनाव एक ही चरण मे संपन्न होगा एवं यह चुनाव दलगत आधार पर नहीं लड़ा जाएगा. इसके साथ ही पूरी संभावना है कि यह चुनाव बैलेट पेपर के द्वारा कराया जाएगा. हालांकि कुछ विपक्षी दल दलगत आधार पर चुनाव नहीं कराने और बैलेट पेपर से चुनाव कराने का विरोध कर रहे हैं.
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चुनाव पांच साल से अटका था
करीब पांच साल से नगर निकाय चुनाव अटका पड़ा था. दरअसल सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार नगर निकाय चुनावों में ओबीसी को आरक्षण देने के लिए ट्रिपल टेस्ट कराना जरूरी था. साथ ही राज्य में पिछड़ा आयोग का गठन, उनके पिछड़ेपन का अध्ययन और आरक्षण की सीमा 50 फीसदी से अधिक न हो इन सभी कारकों के चलते चुनाव में देरी हो रही थी. इस देरी को देखते हुए ही अदालत ने राज्य सरकार को 30 मार्च से पहले नगर निकाय चुनाव कराने को कहा था. संभव है कि 20 जनवरी तक तारीख की घोषणा भी हो जाए.
ट्रिपल टेस्ट के बाद क्या मिला ओबीसी को
जिस ओबीसी आरक्षण के कारण चुनाव में इतना विलंब हुआ उस ओबीसी वर्ग के हाथ कितनी सीटें आईं? 48 नगर निकाय में ओबीसी के लिए कुल 6 सीट आरक्षित की गई है. जिसमें महिला के लिए 1 सीट, मधुपुर नगर परिषद, आरक्षित है. आंकड़ों की बात की जाए तो ओबीसी को लगभग 12 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है.
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ओबीसी सीटों की स्थिति
नगर परिषद –
- झुमरितिलैया नगर परिषद – पिछड़ा वर्ग-II अन्य
- मधुपुर नगर परिषद – अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I महिला
- गोड्डा नगर परिषद – अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I अन्य
नगर पंचायत –
- डोमचांच नगर पंचायत – पिछड़ा वर्ग-II अन्य
- राजमहल नगर पंचायत – अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I अन्य
नगर निगम –
- हजारीबाग नगर निगम – अत्यंत पिछड़ा वर्ग-I अन्य
संवैधानिक दायरे के अंतर्गत ओबीसी को लगभग 12 प्रतिशत सीट दिया गया है. हालांकि झारखंड सरकार इस दायरे को बढ़ाने का प्रयास कर रही है. लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वार दिया गया एक निर्णय इसमें बाधक बन रहा है.
अन्य वर्गों का आरक्षण –
- सामान्य – 25
- अनुसूचित जनजाति – 12
- अनुसूचित जाति – 5
महिलाओं की बात की जाए तो महिलाओं को लगभग 40 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है. महिलाओं के लिए 48 में से 19 सीटें आरक्षित की गई हैं.
