RANCHI : हेमंत सोरेन की सरकार ने पहाड़िया जनजाति बहुल क्षेत्रों के विकास के लिए बड़ा कदम उठाया है. प्रधानमंत्री जन-मन योजना (PM-JANMAN) के तहत अब दूरदराज गांवों को सड़क और पुल से जोड़ा जाएगा. इससे उन इलाकों को राहत मिलेगी, जहां अब तक बुनियादी संपर्क की कमी रही है.
12 जिलों में सड़कों का निर्माण
योजना के दूसरे चरण में 12 जिलों में काम तेज किया गया है. कुल 291 किलोमीटर लंबी 139 सड़कों के निर्माण को मंजूरी मिली है. इस परियोजना पर लगभग 2,591 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. पाकुड़, पलामू, गढ़वा, चतरा, दुमका, गोड्डा, गुमला, जामताड़ा, लातेहार, पूर्वी सिंहभूम और कोडरमा. इससे हजारों ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा.
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साहिबगंज सबसे आगे, 18 पुलों का भी निर्माण
इस योजना में साहिबगंज जिला सबसे आगे है. यहां 88 किलोमीटर लंबी 40 सड़कों का निर्माण होगा. इस पर करीब 72.89 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. तालझारी प्रखंड में सबसे ज्यादा 21 सड़कें बनेंगी. इसके अलावा बोरियो, बरहेट, मंडरो और पतना प्रखंड में भी काम होगा. सिर्फ सड़क ही नहीं, पुल निर्माण पर भी ध्यान दिया गया है. साहिबगंज में 594 मीटर लंबाई के 18 पुल बनाए जाएंगे. इन पर लगभग 34.05 करोड़ रुपये खर्च होंगे. बोरियो में 8, बरहेट में 3, मंडरो में 6 और पतना में 1 पुल बनेगा. इससे आवाजाही आसान होगी.
ग्रामीणों को मिलेगी राहत
नई सड़कें बनने से लोगों की जिंदगी आसान होगी. अभी ग्रामीणों को कीचड़ भरे रास्तों से गुजरना पड़ता है. वे बांस, मकई, कटहल, बरबट्टी और लकड़ी लेकर बाजार जाते हैं. बरसात में रास्ते खराब होने से उन्हें काफी परेशानी होती है. अब यह समस्या काफी हद तक दूर होगी. इस योजना में केंद्र और राज्य सरकार दोनों की भागीदारी है. कुल लागत का 60% केंद्र सरकार दे रही है. वहीं 40% हिस्सा झारखंड सरकार का है. इससे विकास कार्यों को मजबूती मिलेगी.
अधिकारियों का दावा : जल्द शुरू होगा काम, गांव मुख्य सड़कों से जुड़ेंगे
साहिबगंज के उपायुक्त हेमंत सती ने कहा कि परियोजनाएं पूरी होने के बाद गांव मुख्य सड़कों से जुड़ जाएंगे. बरसात में लोगों को खास राहत मिलेगी. वहीं कार्यपालक अभियंता देवीलाल हांसदा ने बताया कि 40 सड़कों और 18 पुलों के लिए जल्द टेंडर जारी होगा. जल्द शुरू होगा काम अधिकारियों के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद करीब दो महीने के भीतर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा.
सरकार की इस पहल से सुदूर इलाकों में विकास को नई गति मिलेगी. साथ ही रोजगार और आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी.
