HAZARIBAGH : हजारीबाग स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा से तीन उम्रकैद के कैदियों के फरार होने के मामले में जेल प्रशासन पर गाज गिरनी शुरू हो गई है. प्रारंभिक जांच के बाद जेल के दो कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि फरार कैदियों की तलाश में गठित विशेष जांच टीम (SIT) लगातार छापेमारी कर रही है. हालांकि, अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं.इस जेल ब्रेक मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है. फरार तीन कैदियों में शामिल कुख्यात अपराधी देवा भुइयां उर्फ देव कुमार भुइयां पहले भी जेल से फरार हो चुका है. वर्ष 2021 में देवा भुइयां धनबाद जेल से शौचालय की खिड़की तोड़कर रस्सी के सहारे फरार हुआ था .
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जांच में संकेत मिले हैं कि हजारीबाग जेल से फरारी के दौरान भी उसी पुराने तरीके को दोहराया गया . पुलिस सूत्रों के अनुसार, फरार कैदियों की तलाश के लिए पांच अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है, जो धनबाद, रांची और बिहार के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं. बावजूद इसके, अब तक तीनों फरार कैदियों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है.देवा भुइयां का आपराधिक इतिहास बेहद गंभीर रहा है. उस पर एक दर्जन से अधिक संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं. हजारीबाग से उसका पुराना और गहरा नाता रहा है, जिससे वह इलाके की गलियों और रास्तों से अच्छी तरह परिचित था. बताया जा रहा है कि धनबाद जेल से फरारी के बाद वह करीब साढ़े तीन साल तक भूमिगत रहा और इस दौरान हजारीबाग में भी लंबे समय तक छिपकर रहा.

जांच एजेंसियों के लिए यह भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि इतने गंभीर आपराधिक इतिहास वाले कैदी पर जेल प्रशासन ने पर्याप्त निगरानी क्यों नहीं रखी. सूत्रों का कहना है कि देवा भुइयां के पिछले रिकॉर्ड को नजरअंदाज करना जेल प्रशासन पर भारी पड़ गया.मामले की जांच अब सिर्फ सुरक्षा चूक तक सीमित नहीं रही है. जांच दल जेल प्रशासन और कैदियों के संभावित गठजोड़ की भी पड़ताल कर रहा है. आशंका जताई जा रही है कि फरारी में किसी तीसरे व्यक्ति की भूमिका हो सकती है, जिसने अंदर या बाहर से कैदियों को मदद पहुंचाई.
प्राथमिकी को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं. सूत्रों के अनुसार, लोहसिंघना थाना में दर्ज एफआईआर संख्या 196/2025 महज पांच लाइनों की है. शुरुआती दो लाइनों में घटना का संक्षिप्त उल्लेख है, जबकि बाकी तीन लाइनों में सिर्फ फरार कैदियों के नाम-पते दर्ज किए गए हैं. आवेदन में बताया गया है कि सीसीटीवी फुटेज के अनुसार बैरक नंबर छह की खिड़की नंबर चार को काटकर रात करीब 1:36 बजे से 2:45 बजे के बीच कैदी फरार हुए.
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