GUMLA : गुमला के मुरकुंडा लैंपस में वित्तीय भ्रष्टाचार का एक मामला सामने आया है. लैंपस के सचिव पर वित्तीय घोटाले का आरोप लगा है. उन पर लगभग 30 लाख रुपए के हेरफेर का आरोप है. साथ ही विभागीय आदेश को नहीं मानने और चयनित कमेटी को तीन साल से कार्यभार नहीं सौंपने का भी गंभीर आरोप है. इस पूरे मामले की शिकायत वर्तमान चयनित लैंपस के अध्यक्ष सहित कार्यकारिणी के 10 अन्य सदस्यों ने की है. उन्होंने थाने में इस मामले को लेकर प्राथमिकी दर्ज करवाई है. मामले की शिकायत मिलने के बाद गुमला पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.
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सरकारी आदेश की अवहेलना
बता दें कि 1992 में स्थापित इस लैंपस में वर्ष 2001 से 2023 तक नई कमिटी का गठन नहीं हुआ था. उसके बाद विभागीय आदेश के बाद नई कमेटी के गठन की प्रक्रिया शुरू हुई. 27 सितंबर 2023 को नई कमिटी के लिए मतदान हुआ. 14 दिसंबर 2023 को सहकारिता प्रसार पदाधिकारी की ओर से आधिकारिक पत्र जारी करके अध्यक्ष और कार्यकारिणी सदस्यों की घोषणा हुई. साथ ही तत्कालीन सचिव रामजन्म साहू और बीरा खड़िया को पदभार हस्तांतरित करने का निर्देश भी दिया गया. लेकिन आदेश की अवहेलना करते हुए नई कमेटी को कार्यभार नहीं सोपा गया.

ऑडिट की रिपोर्ट
वर्ष 2024-25 के लैंपस के ऑडिट में वित्तीय भ्रष्टाचार का एक बड़ा खुलासा हुआ. ऑडिट की रिपोर्ट में लगभग 30 लाख रुपए की वित्तीय गड़बड़ी सामने आई. सचिव पर लगे आरोपों के अनुसार सरकारी योजनाओं के रूप में लैंपस को मिलने वाले कंप्यूटर, यूपीएस, प्रिंटर, मोबाइल और फर्नीचर जैसी सामग्रियों में भी करीब डेढ़ लाख रुपए से अधिक की गड़बड़ी सामने आई.
विभाग पर सवाल
वर्ष 2023 में पुरानी कमेटी के भंग होने और नई कमेटी बनने के बावजूद सचिव ने 1 साल का 48 हजार रुपया मानदेय भी निकाल लिया. यह नियमों का खुला उल्लंघन था. यह पूरा मामला कई सवाल खड़ा करती है, पहले के ऑडिट में गड़बड़ियां क्यों नहीं पकड़ में आई, क्या इसमें विभागीय स्तर पर भी लापरवाही थी. यह मामला आने पर सामने आने पर अधिकारियों में हड़कंप मच गया है.
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