L19 DESK : झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के राजनीतिक विज्ञान और लोकप्रशासन विभाग, सामाजिक विज्ञान संकाय के माध्यम से ‘तत्वबोध ‘ मंच का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम के अध्यक्ष सामाजिक विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता डॉ आलोक कुमार गुप्ता थे। उन्होंने कहा कि यह पहल भारतीय ज्ञान परंपरा और नई शिक्षा नीति को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल के तहत विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को एक महत्वपूर्ण मंच मिलेगा जिसमें वे सम-सामयिक मुद्दों पर गहन चिंतन मनन कर सकेंगे। भारत में शास्त्रार्थ की परंपरा रही है। जिसके माध्यम से अंतिम सत्य की खोज होती है। तत्वबोध उसी दिशा में किया गया सार्थक प्रयास है जिसमें विद्यार्थी भारतीय परम्परा के अनुरूप शालीन तरीके से हर विषय की गूढता पर प्रकाश डालते हुए सभी का ज्ञानार्जन करेंगे। इसमें विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण की भी सहभागिता होगी, जो सभी की समझ के अनुरूप और जन साधारण के लिए विश्व की गुह्यतम विषय पर अपने विचार का आदान प्रदान करेंगे।
कार्यक्रम की प्रस्तावना करते हुए तत्वबोध के समन्वयक डॉ शशांक कुलकर्णी ने कहा कि यह मंच विश्वविद्यालय के छात्रों को अपने विचार रखने का मंच प्रदान करेगा। इसके माध्यम से भारतीय संविधान में लिखे गए मूल्यों को नागरिक अपने जीवन में कैसे लाए, इसके लिए विशेष प्रयास किया जाएगा। व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण यह तत्वबोध का मूल उद्देश है। भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थल में तत्वबोध के माध्यम से वैचारिक प्रबोधन के लिए इस मंच की स्थापना की गई है।
डॉ संजय कुमार अग्रवाल ने इस मंच के प्रथम वक्ता के तौर पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि हमें अपने विचार में भारतीयता को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। इस लिए तत्वबोध एक सशक्त मंच बन सकता है। विश्वविद्यालय के आस – पास के नागरिकों को भी इस मंचसे जोड़कर लाभ पहुंचाया जाएगा। झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा नागरिकों के बीच जागरूकता लाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
कार्यक्रम का संचालन एमए के छात्र आदित्य ने किया। आभार का भाषण बीए की छात्रा पिंकी कुमारी ने किया। कार्यक्रम में अर्थशास्त्र की प्राध्यापक डॉ संहिता सुचरिता के साथ राजनीति विज्ञान और लोकप्रशासन, अर्थशास्त्र और आंतराष्ट्रीय संबध विभाग के प्राध्यापक और छात्र बढ़ी संख्या में उपस्थित रहे।