मो. यासार आराफात
PAKUR : सदर प्रखंड अंतर्गत काशिला में संचालित कोल्ड स्टोरेज में किसानों के हजारों क्विंटल आलू को सड़ा दिए जाने के बाद ठेकेदार अब इलाके में बिमारी फैला रहे हैं. कोल्ड स्टोरेज के सड़े हुए आलू को चहारदीवारी के अंदर ही फेंक दिया है. जहां-तहां फेंकें गए बिखरे पड़े आलू में कीड़े-मकोड़े और मक्खियां पनप रहा है. आस-पास के लोग आलू के दुर्गंध से परेशान हैं, मच्छर और मक्खियों के प्रकोप से घरों में रहना मुश्किल हो गया है. इससे क्षेत्र में बिमारियां भी फैल रही है. इतना ही नहीं, लोग डायरिया और मलेरिया जैसी बिमारियों के चपेट में आने की आशंका से भी डरे हुए हैं. लोग इसे ठेकेदार की मनमानी कहने से नहीं चुक रहे हैं.
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कोल्ड स्टोरेज के ठेकेदार की मनमानी यही नहीं रुकती, पास में स्थित मॉडल स्कूल के आस-पास भी सड़े हुए आलू की बोरियों को फेंक दिया है. जिससे छात्रों की मुश्किलें बढ़ गई है. आलू के सड़ांध से छात्रों में बीमारियां फैलने की आशंका बढ़ गई है. हालत यह है कि स्कूल अवधि में क्लास रूम की खिड़कियां बंद रखनी पड़ रही है. अगर गलती से भी खिड़कियां खोल दी जाती है, तो सड़े आलू के दुर्गंध से छात्र-छात्राएं उल्टियां करने लगती है. आलू के दुर्गंध के साथ-साथ मक्खियां भी क्लासरूम में घुस आती है. इससे छात्रों को काफी ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. निश्चित रूप से छात्रों के पठन-पाठन भी प्रभावित हो रहे हैं. कुल मिलाकर कोल्ड स्टोरेज के ठेकेदार की मनमानी आसपास के ग्रामीण और मॉडल स्कूल के छात्रों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है.

उल्लेखनीय है कि पिछले साल नवंबर के महीने में कोल्ड स्टोरेज में किसानों के रखे हजारों क्विंटल आलू ठेकेदार की लापरवाही की वजह से सड़ गया था. इससे किसानों को लाखों के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा था. किसानों के आलू सड़ने की मुख्य वजह ठेकेदार की लापरवाही मानी जा रही थी. बिजली कट होने के बाद जनरेटर नहीं चलाए जाने से ही हजारों क्विंटल आलू सड़ गया था. इस मुद्दे को आपके अपने लोकप्रिय अखबार में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया. जिसे डीसी मनीष कुमार ने गंभीरता से लेते हुए जांच का आदेश दिया. जिला सहकारिता पदाधिकारी ने कोल्ड स्टोरेज में जाकर जांच भी किया.
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किसानों को हुए नुकसान की भरपाई का निर्देश भी ठेकेदार को दिया गया। यह मुद्दा मीडिया में काफी सुर्खियों में रहा. कोल्ड स्टोरेज के ठेकेदार की लापरवाही को प्रमुख वजह माना गया. इधर सड़े हुए आलू को कोल्ड स्टोरेज के चहारदीवारी के अंदर ही बिखेर दिया गया. इतना ही नहीं मॉडल स्कूल के आस-पास भी सड़े आलू को फेंक दिया गया. इससे ठेकेदार की मनमानी साफ दिखाई दे रहा है. लोगों में ठेकेदार की मनमानी के खिलाफ आक्रोश बढ़ रहा है. इसके खिलाफ ग्रामीण और स्कूल के छात्र भी विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं.
