Arafat
PAKUR : सदर प्रखंड के सोनाजोड़ी स्थित सिविल सर्जन कार्यालय में राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत इंटेंसिफाइड मलेरिया एलिमिनेशन प्रोजेक्ट थ्री के तहत जिला समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई. यह कार्यक्रम चाइल्ड इन नीड इंस्टिट्यूट के सहयोग से आयोजित किया गया. बैठक की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. एसके मिश्रा ने किया. बैठक में सिविल सर्जन डॉ. एसके मिश्रा ने जिले में मलेरिया की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा करते हुए रोग नियंत्रण के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष बल दिया.
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सभी विभागों की भागीदारी जरूरी
उन्होंने कहा कि मलेरिया एवं कालाजार उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी, सतत निगरानी और सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक है. बैठक में जिला भीबीडी पदाधिकारी डॉ. अमित कुमार तथा सिनि के जिला प्रतिनिधि अमित अग्रवाल ने इंटेंसिफाइड मलेरिया एलिमिनेशन प्रोजेक्ट थ्री के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी. इस दौरान मलेरिया नियंत्रण की रणनीतियों, जांच एवं उपचार व्यवस्था तथा सिनि द्वारा प्रदान किए जा रहे तकनीकी एवं कार्यक्रमगत सहयोग पर विस्तार से चर्चा की गई.
समय पर जांच व उपचार जरूरी
वहीं डब्लूएचओ के जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ. हसीब ने मलेरिया के परजीवी विज्ञान तथा इसके प्रमुख क्लिनिकल लक्षणों के बारे में जानकारी देते हुए समय पर जांच और उपचार की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि प्रारंभिक स्तर पर जांच और उपचार से मलेरिया के प्रभावी नियंत्रण में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की जा सकती है.
सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए टीकाकरण
बैठक के अंत में डीआरसीएचओ डॉ. एसके झा एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक, एनएचएम द्वारा ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से होने वाले सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए प्रस्तावित टीकाकरण कार्यक्रम पर चर्चा की गई. उन्होंने बताया कि 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन के माध्यम से सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु टीकाकरण किया जाएगा, जिससे जिले की बड़ी संख्या में किशोरियों को लाभ मिलने की संभावना है.
बैठक के दौरान सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए मलेरिया, कालाजार तथा अन्य वेक्टर जनित रोगों के प्रभावी नियंत्रण एवं उन्मूलन के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया. बैठक में जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. अमित कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, एमओईसी, अमड़ापाड़ा एवं लिट्टीपाड़ा, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. केके सिंह सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे.
