Vijay Thakur
GODDA : रेफरल अस्पताल महागामा में आयोजित प्रखंड स्तरीय रक्तदान शिविर ने मानवता, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का एक शानदार उदाहरण पेश किया. इस शिविर में लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए कुल 31 यूनिट रक्त संग्रह किया, जो जरूरतमंद मरीजों के लिए किसी जीवनदान से कम नहीं है. कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मो. खालिद अंजुम, नौशेरवां आदिल एवं देवेंद्र कुमार पंडित द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया. उद्घाटन के साथ ही अस्पताल परिसर में सेवा और समर्पण का माहौल देखने को मिला. शिविर को सफल बनाने में मिलन नाग, पीयूष प्रभाकर (लिपिक), अब्दुल मन्नान, कुमारी सरस्वती, वीणा कुमारी, असलम रिजवी सहित कई स्वास्थ्यकर्मियों एवं कर्मचारियों की अहम भूमिका रही. सभी ने मिलकर इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने का प्रयास किया.
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स्वस्थ व्यक्ति को 3 महीने में रक्तदान करना चाहिए
इस अवसर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. खालिद अंजुम ने बताया कि गोड्डा जिले में थैलेसीमिया के कई मरीज हैं, जिन्हें हर महीने नियमित रूप से रक्त चढ़ाने की आवश्यकता होती है. इसके अलावा गर्भवती महिलाओं और अन्य गंभीर रोगियों के लिए भी रक्त की जरूरत पड़ती है. उन्होंने चिंता जताई कि कई बार रक्त की कमी के कारण मरीजों की जान तक चली जाती है. उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हर स्वस्थ व्यक्ति को हर 3 महीने में रक्तदान करना चाहिए. रक्तदान से शरीर में नया रक्त बनता है, कई बीमारियों से राहत मिलती है और शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है.
रक्तदान महादान
उन्होंने “रक्तदान महादान” का संदेश देते हुए कहा कि यह एक ऐसा पुण्य कार्य है, जिससे कई लोगों को नया जीवन मिल सकता है. आगे जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि इस तरह का रक्तदान शिविर हर तीन महीने के अंतराल पर आयोजित किया जाएगा. उन्होंने आम जनता, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों एवं समाजसेवियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इस मुहिम को सफल बनाएं. शिविर के सफल संचालन में जिला ब्लड बैंक की टीम, स्वास्थ्य विभाग एवं प्रखंड स्तरीय कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा. यह आयोजन न सिर्फ रक्त की कमी को दूर करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हुआ, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना को भी मजबूत कर गया.
अब प्रखंडों की बारी, बहुत जरूरी है रक्तदान
उल्लेखनीय है कि महागामा अनुमंडल ने रक्तदान शिविर लगाकर अपने दायित्व का निर्वाह किया है. मगर अब प्रखंडों को भी रक्तदान शिविर के मामले में संवेदनशील होना पड़ेगा. क्योंकि सदर अस्पताल के एकमात्र रक्त अधिकोष केंद्र में ब्लड का बहुत अभाव हो गया है. इसलिए ठाकुरगंगटी प्रखंड, मेहरमा प्रखंड, बोआरीजोर प्रखंड के अलावा राजाभीठा थाना क्षेत्र के समाजसेवियों को रक्तदान शिविर लगाने के लिए पहल करते हुए आगे आना होगा. तब ही रक्त से जूझ रहे मरीजों को रक्त चढ़वा कर जिंदगी बचाया जा सकता है. गौरतलब है कि रेफरल अस्पताल में जिस प्रकार से पहल हुई है. इस प्रकार से हर सीएचसी एवं पीएचसी स्तर पर रक्तदान शिविर लगाने की जरूरत है.
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