Akshay Kumar Jha
HAZARIBAGH : सुरक्षित इंटरनेट दिवस के अवसर पर मंगलवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिला प्रशासन द्वारा एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला का आयोजन उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य शासकीय पदाधिकारियों एवं कर्मियों को इंटरनेट के सुरक्षित, सतर्क एवं जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूक करना था.
कार्यशाला में इंटरनेट फ्रॉड, साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल एवं लिंक के माध्यम से होने वाली ठगी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उचित उपयोग तथा डीपफेक तकनीक के बढ़ते दुरुपयोग जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई.
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उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि डिजिटल तकनीक ने प्रशासनिक कार्यों को सरल एवं प्रभावी बनाया है, किंतु इसके सुरक्षित उपयोग हेतु जागरूकता अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने कहा कि शासकीय पदाधिकारियों एवं कर्मियों की सतर्कता से न केवल व्यक्तिगत स्तर पर बल्कि संपूर्ण प्रशासनिक व्यवस्था, कार्यालयों एवं आम जनता को भी साइबर खतरों से सुरक्षित रखा जा सकता है. उन्होंने सभी से किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश अथवा डिजिटल सामग्री के प्रति सतर्क रहने की अपील की.
कार्यशाला में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अमित आनंद ने भी अपने विचार रखे. उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में साइबर अपराध के मामलों में निरंतर वृद्धि हो रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि डिजिटल अरेस्ट के नाम पर किया जाने वाला कोई भी कॉल पूर्णतः फर्जी होता है. उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी स्वयं को पुलिस, सीबीआई, ईडी अथवा अन्य जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर भय का माहौल बनाते हैं तथा डीपफेक जैसी आधुनिक तकनीकों का दुरुपयोग करते हैं.
कार्यशाला में उपायुक्त ने उपस्थित सभी पदाधिकारियों को सुरक्षित इंटरनेट का इस्तेमाल करने की शपथ दिलाई.
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कार्यशाला का संचालन जिला सूचना पदाधिकारी द्वारा किया गया. कार्यशाला में उपरोक्त के अतिरिक्त प्रशिक्षु आईएसएस, जिले के सभी विभागों के पदाधिकारी एवं अन्य कर्मी उपस्थित थे.
