GOMIA : दो लकड़ी तस्करों को छुड़ाने के लिए तुलबुल गांव के ग्रामीणों ने लाठी-डंडा और पत्थर से वनकर्मियों पर हमला करने की सूचना है. इस हमले में पांच वनकर्मी घायल हो गए हैं. साथ ही तीन विभागीय गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई है. घटना बीते बृहस्पतिवार की रात लगभग 10:00 बजे की है.
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घटना को लेकर तेनुघाट वन प्रक्षेत्र के प्रभारी वनपाल अजीत कुमार मुर्मू ने बताया कि रात लगभग 9 बजे जब हमलोग ललपनिया के आसपास थे. हमें पिंडरा गांव में हाथियों के झुंड के आने की सूचना मिली. जिसके बाद हमलोग टीम लेकर पिंडरा गांव की ओर जा रहे थे. इसी दौरान रास्ते में लुगु पहाड़ घाटी मुख्य सड़क पर देखा कि कई लकड़ी तस्कर जंगल से भारी मात्रा में लकड़ी काटकर बाइक में लोड कर रहे हैं. जैसे ही तस्करों की नजर विभागीय गाड़ियों पर पड़ी सभी जंगल की ओर भागने लगे. हमलोगों ने भी दौड़कर उनका पीछा किया. इस दौरान दो तस्कर पकड़े गए, साथ ही दो बाइक और उसमें लदी लकड़ी को जब्त किया गया.

जब पकड़े गए दोनों तस्करों और जब्त लकड़ी व दोनों बाइक को लेकर गोमिया स्थित तेनुघाट वन प्रक्षेत्र कार्यालय जा रहे थे, तुलबुल गांव के पास लगभग 35 से ज्यादा लोग जिसमें महिलाएं भी शामिल थीं उनके हाथों में लाठी, डंडा, पत्थर आदि था. साथ ही सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर रखकर मार्ग को अवरुद्ध कर दिया. जैसे ही हमलोग की गाड़ियां वहां पहुंची सभी ने गाड़ियों पर हमला कर दिया और तोड़फोड़ करते हुए हमलोगों के साथ मारपीट करने लगे. इस दौरान उनलोगों ने पकड़े गए दोनों तस्करों को भी जबरन छुड़ाकर अपने साथ ले गए, जब्त बाइक को भी गाड़ी से उतार कर ले जाने का प्रयास किया लेकिन विफल रहे. घटना में विभाग की तीन गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं, वहीं मारपीट में पांच वनकर्मी घायल हैं जिनका इलाज सीएचसी गोमिया में चल रहा है.
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वहीं हुई घटना से वनकर्मियों में आक्रोश है, रात 12 बजे आसपास के तीन वन प्रक्षेत्रों गोमिया, तेनुघाट तथा पेटरवार के लगभग सभी वन कर्मी गोमिया थाना में जमा हुए और लिखित शिकायत दर्ज करा दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की. साथ ही वन विभाग के वरीय अधिकारियों से भी कड़ी कार्रवाई की मांग की गई. साथ ही सुरक्षा की गुहार लगाई. इस दौरान कर्मियों ने साफ तौर पर कहा कि अगर विभाग के द्वारा हमलोग को सुरक्षा मुहैया नहीं कराया गया और दोषियों के विरुद्ध कारवाई नहीं की गई तो हम कर्मी शुक्रवार से कार्य बंद कर देंगे.
वहीं घटना की सूचना पाकर गोमिया बीडीओ महादेव कुमार महतो, सीओ आफताब आलम देर रात अस्पताल पहुंच घायलों से मिले तथा दोषियों के विरुद्ध कारवाई का वनकर्मियों को भरोसा दिया.
वहीं घटना की सूचना मिलते ही प्रशिक्षु डीएफओ संदीप शिंदे गोमिया वन विभाग कार्यालय पहुंचे और बताया कि उनकी पहली प्राथमिकता हाथी भगाने की होगी लेकिन जंगलों की कटाई करने वालों के ऊपर विभाग की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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