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PAKUR : जामिया सल्फिया कमरुल होदा उम्मुल कोरा लील बनत संग्रामपुर में मंगलवार को चयन किए गए शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपा गया. इस दौरान झामुमो के हाजी समद अली मौजूद रहे. उन्होंने बताया कि गांव के मदरसा को ग्रामीणों के खर्च से चलाया जाता है. विभिन्न गांवों से आए हुए बालक, बालिकाओं को बेहतर शिक्षा का लाभ देने का काम किया जाता है. मदरसा में दीनी किताब के अलावा अंग्रेजी, हिंदी, बंगला विषय की भी शिक्षा दी जाती है. इस तरह के कार्यक्रम आयोजित कर बच्चों को और बेहतर शिक्षा दिया जाता है.
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मदरसा में सात शिक्षक एवं अध्यक्ष का चयन किया गया. वहीं मदरसा के सचिव अब्दुल बारी ने बताया कि संग्रामपुर गांव में इस तरह का मदरसा होना गर्व का विषय है. बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए अलग-अलग सेक्शन बनाया गया है, ताकि व्यवस्थित तरीके से शिक्षा दिया जाय. हाफिज की पढ़ाई को लेकर हाफिज शिक्षक बहाली की गई है. वहीं मदरसा के आलताब हुसैन ने बताया कि मदरसा में 2048 बच्चों को पढ़ाया जाता है. जबकि मदरसा में रहकर 378 लड़कियां व 68 लड़के पढ़ाई करते हैं. लड़कियों को सिलाई कढ़ाई का भी काम सिखाया जाता है. बच्चों को कौशलयुक्त बनाने के लिए मदरसा के शिक्षक काफी मेहनत करते हैं. इसी मदरसा में पढ़ाई कर दूसरी जगह शिक्षा देने का काम करते हैं.
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