BOKARO : शुक्रवार को पुलिस और पूर्व मुखिया की तत्परता से एक निर्दोष महिला की जान बच गई. वरना कथित बच्चा चोरी की अफवाह को लेकर जो माहौल बना है उसमें सभी का विश्वास तार-तार हो गया है. लोग, अपने ही लोग के दुश्मन बन गए हैं. गुरुवार को चास के मामले को उदाहरण के रूप में ले तो वहां एक निर्दोष युवक को कथित बच्चा चोर के आरोप में पीट दिया गया जबकि वह भी बच्चा चोर को पीटने के लिए घर से डंडा लाने के लिए दौड़ा था.
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MLM कंपनी में कार्यरत थी महिला
आज यानी शुक्रवार को बालीडीह थाना क्षेत्र स्थित बिशुनपुर में एक महिला को कथित बच्चा चोर के आरोप में घेर लिया गया था. जबकि वह महिला एक मल्टी लेवल मार्केटिंग कंपनी डीएक्सएन में एजेंट के तौर पर कार्य करती है. उसके पास से डीएक्सएन कंपनी के कुछ उत्पाद भी प्राप्त हुई हैं. सूचना प्राप्त होते ही गोड़ाबाली दक्षिणी के पूर्व मुखिया गणेश कुमार ठाकुर सहित अन्य लोगों ने बिशुनपुर के सामुदायिक भवन में एहतियातन बंद करके उक्त महिला से पूछताछ की जिसमें पता चला कि वह मार्केटिंग कार्य के सिलसिले में फील्ड में थी. इस संबंध में बालीडीह थाना को भी सूचित किया गया.
अफवाह से बचने की अपील
सामुदायिक भवन के बाहर सैकड़ो की संख्या में गांव वाले महिला को उनके हवाले करने की मांग कर रहे थे. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने महिला को पिछले दरवाजे से निकालकर सुरक्षित पीसीआर वैन में बैठाया. इस बीच गांव वाले हंगामा कर रहे थे. पुलिस और वहां के पूर्व मुखिया की तत्परता ने एक निर्दोष की मॉब लिंचिंग होने से बचा लिया. जिले के एसपी हरविंदर सिंह ने भी लोगों से अपील की है कि अफवाहों के आधार पर कोई भी कदम न उठायें. सत्यता की जांच बहुत जरूरी है ताकि कोई निर्दोष बेवजह मॉब लिंचिंग का शिकार ना हो.
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