BOKARO : धनबाद के बाद अब बोकारो जिले में भी काले रंग की स्कॉर्पियो नियम-कानून की धज्जियां उड़ा रही है. बोकारो की सड़कों में कुछ दिनों से एक काले रंग की स्कॉर्पियो दौड़ रही है. इस कहानी में अजूबा यह है कि गाड़ी के नंबर प्लेट पर नंबर नहीं बल्कि बॉस लिखा हुआ है. कसमार आस-पास यह बात चर्चा का विषय बना हुआ है. सबसे गंभीर सवाल यह है कि जिस बोकारो में ट्रैफिक पुलिस एक तरफ आम जनता को चालान, हेलमेट और वैध कागजों का पाठ पढ़ाती है. उस पुलिस ने इस मामले में चुप्पी साध रखी है. गाड़ी मालिक बेखौफ होकर नियम-कानून की धज्जियां उड़ा रहा है. आरटीओ के नेम प्लेट में बॉस लिखी गाड़ी एनएच की सड़कों पर सरपट दौड़ रही है. यह काली स्कॉर्पियो अक्सर कसमार थाना क्षेत्र के एनएच की सड़कों में नजर आ रही है. अब सवाल यह उठता है कि आखिर इस काली स्कॉर्पियो पर किसका संरक्षण प्राप्त है. जिसके कारण पिछले कई दिनों से बिना रोक-टोक के यह बॉस लिखी गाड़ी चल रही है. बताया जाता है कि यह स्कॉर्पियो कसमार थाना क्षेत्र अंतर्गत कमलापुर निवासी एक दबंग व्यक्ति की है. जिसके ऑनर खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं.

इनकी होटल में लगता है खाकी एवं खादी का जमावड़ा
बताया जाता है कि इस गाड़ी के ऑनर का एक होटल कसमार थाना क्षेत्र के कमलापुर में खांजो नदी के किनारे संचालित है. होटल में झारखंड के कई नेता, मंत्री एवं विधायकों से लेकर विभिन्न दलों व जातीय संगठनों के आकाओं का आना-जाना लगा रहता है. इस होटल में बड़े नेता व मंत्री रुके या भोजन करे तो उसकी तस्वीर दो चार दिनों के अंदर होटल के डिस्प्ले बोर्ड में लग जाती है. इससे यह सहज ही यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि इनकी पैठ राजनीतिक गलियारों में भी अच्छी-खासी है.
वहीं पुलिस अधिकारियों को अक्सर इस होटल में आते-जाते व लजीज भोजन का लुत्फ उठाते देखा जा सकता है. गणतंत्र दिवस से लेकर स्वतंत्रता दिवस में जब इस होटल के बाहर झंडोत्तोलन होता है तो कसमार, जरीडीह से लेकर पेटरवार पुलिस के अधिकारियों की उपस्थिति हर बार दिखती है. ऐसे में सवाल यह कि क्या यह जायज है? क्या थोड़ा सा भी रसूख रखने वाले शख्स के लिए कानून और कायदों की कोई अहमियत नहीं हैं?
