BERMO : झारखंड विधानसभा में विधायक सरयू राय द्वारा डीवीसी चंद्रपुरा एवं बोकारो थर्मल प्रबंधन द्वारा दामोदर नदी एवं कोनार नदी में प्रदूषण और अतिक्रमण को लेकर पूछे गए सवाल पर राज्य सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से अवर सचिव सुनील कुमार ने 23 फरवरी को अपना आधिकारिक जवाब पेश किया है. सरकार ने स्वीकार किया है कि डीवीसी के चंद्रपुरा थर्मल पावर प्लांट ने नियमों का उल्लंघन किया है, जिसके लिए उन पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति का जुर्माना लगाया गया है.
चंद्रपुरा पावर प्लांट पर जुर्माना
विधायक सरयू राय के सवाल के जवाब में सरकार ने माना कि चंद्रपुरा पावर प्लांट द्वारा ऐश पॉन्ड विस्तार के दौरान दामोदर नदी के बहाव क्षेत्र (उच्चतम बाढ़ स्तर के अंदर) में अवैध रूप से पक्की कंक्रीट की दीवार का निर्माण किया गया है. झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने 29 जनवरी 2026 को स्थल का निरीक्षण किया था. नियमों की अनदेखी पर कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार ने इकाई पर ‘पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति’ अधिरोपित की है और प्रबंधन को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया गया है.

बोकारो थर्मल प्लांट का निरीक्षण
विधायक ने बोकारो थर्मल ताप बिजली घर की पाइपलाइन फटने के कारण कोनार और दामोदर नदी में प्रदूषित छाई बहने का मुद्दा उठाया था. इस पर सरकार ने अस्वीकारात्मक जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने 12 फरवरी को बोकारो थर्मल प्लांट का विशेष निरीक्षण किया था. निरीक्षण के दौरान इकाई का कोई भी प्रदूषित बहाव कोनार नदी में गिरता हुआ नहीं पाया गया.
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सरकार ने सदन को आश्वस्त किया है कि दामोदर नदी की शुचिता बनाए रखने के लिए प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा नियमित अंतराल पर निरीक्षण और निगरानी की जा रही है. विभाग का कहना है कि जल एवं वायु संरक्षण अधिनियम के तहत भविष्य में भी किसी भी प्रकार का उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. उक्त जानकारी विधायक सरयू राय ने मंगलवार को दी.
