RANCHI : झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर खींचतान की चर्चाएं तेज हो गई हैं. कांग्रेस और झामुमो के बीच रिश्तों को लेकर सवाल उठने लगे हैं, खासकर तब जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रदीप बलमुचू ने सरकार की कार्यशैली पर खुलकर नाराजगी जताई. उन्होंने संकेत दिया कि प्रशासनिक फैसलों में कांग्रेस की अनदेखी हो रही है, जिससे पार्टी असहज महसूस कर रही है. यहां तक कि उन्होंने यह भी कहा कि हालात नहीं सुधरे तो कांग्रेस को अपने रुख पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है.

इस बयान के बाद विपक्ष को भी हमला करने का मौका मिल गया. बीजेपी ने इसे गठबंधन की कमजोरी बताते हुए तंज कसा और कहा कि सरकार के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है. पार्टी के प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के मंत्री प्रभावहीन हैं और सिर्फ नाम भर के लिए सत्ता में बने हुए हैं.
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वहीं झामुमो ने इन आरोपों को ज्यादा महत्व देने से इनकार किया है. पार्टी का कहना है कि यह व्यक्तिगत बयान है और इसका सरकार की स्थिरता पर कोई असर नहीं पड़ेगा. झामुमो नेताओं ने दावा किया कि गठबंधन पूरी तरह मजबूत है और सरकार अपना कार्यकाल सुचारू रूप से पूरा करेगी. साथ ही उन्होंने कांग्रेस से अपेक्षा जताई कि इस तरह की बयानबाजी पर पार्टी खुद ही स्पष्ट रुख अपनाए.
