JAMSHEDPUR : जमशेदपुर के चर्चित कैरव गांधी अपहरण कांड का जमशेदपुर पुलिस ने खुलासा किया है. कैर गांधी का अपहरण अंतरराष्ट्रीय गिरोह ने किया था. इस पूरे अपहरण कांड में एक हवाला कारोबारी भी शामिल था. इस कांड के मुख्य सरगना का संपर्क कई देशों से है. कनाडा और नीदरलैंड जैसे देशों में उसका आना-जाना लगा रहता है.
शनिवार को जमशेदपुर एसएसपी पीयूष पांडे ने जानकारी देते हुए बताया कि अपराधियों का नेटवर्क बिहार, दिल्ली, पंजाब और कोलकाता तक पाया गया है. गिरफ्तार अपराधियों में शामिल एक 74 वर्षीय अमरिंदर सिंह उर्फ करतार सिंह जो कि पंजाब के लुधियाना का निवासी है, हवाला कारोबार से जुड़ा हुआ है. अपहरण की साजिश में उसने नकली डीआईजी की भूमिका निभाई थी. उसके खिलाफ पंजाब में कई मामले दर्ज हैं.

एसपी ने आगे बताया कि इस पूरे अपहरण कांड को बड़े ही सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था. अमरिंदर सिंह उर्फ करतार सिंह ने नकली डीआईजी की भूमिका जबकि मनप्रीत सिंह सेखों ने वाहन चालक की भूमिका निभाई. साथ ही इनके साथियों ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी. इन लोगों ने कैरव को स्कॉर्पियो गाड़ी में बिठाकर चांडिल के गोलचक्कर के पास ले गए. वहां उन्होंने कैरव को दूसरी गाड़ी में शिफ्ट किया और दोनों ही गाड़ियां अलग-अलग रास्तों से शहर के बाहर निकल गई. कैरव को गया जी के बिसर गांव में छुपा कर रखा गया था.
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इससे पहले इन अपराधियों ने फर्जी आधार कार्ड के जरिए किराए में कमरा लिया और कैरव गांधी की लगातार लगातार रेकी करते रहे. जांच पड़ताल में यह भी सामने आया कि जो मुख्य साजिशकर्ता है (जो अभी फरार चल रहा है) वह 6 महीना पूर्व ही इन लोगों के साथ जमशेदपुर में आकर रहने लगा था. यह साजिशकर्ता बड़े ही शातिराना ढंग से अपना काम करता था. वह बड़ी-बड़ी पार्टियों में जाकर रईसजादों की तस्वीर खींचता था. अपहरण का बहाना बनाकर परिजनों को तस्वीर भेज कर पैसे की उगाही करता था.
