RANCHI : झारखंड में नगर निकाय चुनाव का मार्ग प्रशस्त होते ही राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को पत्र भेज कर तीन वर्षों से लंबित शहरी विकास के लिए तय राशि की मांग की है. केंद्र ने झारखंड में नगर निकाय चुनाव नहीं होने के कारण ये राशि रोक रखी थी. अब जब यह तय है कि 23 फरवरी को मतदान के बाद 27 फरवरी को नगर निकायों का स्वरूप सामने आ जाएगा. राज्य ने अपने हिस्से की राशि की मांग कर दी है. राज्य ने पत्र भेजकर चुनाव होने की जानकारी दी, साथ ही 15वें वित्त आयोग की रुकी हुई राशि करीब ₹2148 करोड़ जारी करने का अनुरोध किया है.
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क्यों अटकी थी राशि
झारखंड में 5-6 वर्षों से नगर निकाय चुनाव नहीं होने के कारण केंद्र सरकार ने स्थानीय नगर निकायों के बुनियादी विकास के लिए मिलने वाली राशि को तीन वर्षों से रोक रखा था. केंद्र का स्पष्ट कहना था कि जब तक शहरी निकायों का गठन नहीं हो जाता तब तक 15वें वित्त आयोग की राशि जारी नहीं की जाएगी. राशि प्राप्त होते ही शहरी इलाकों में सड़क, नाली, जलापूर्ति, सामुदायिक केंद्र, मार्केट प्लेस सहित कई नागरिक विकास के कार्य किए जाएंगे.
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प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना
नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने विभाग को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि राशि जारी होते ही शहरी इलाकों में लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए. ताकि वहां के नागरिकों को त्वरित लाभ मिले. इसके अलावा उन्होंने विभागीय अधिकारियों को आगामी बजट और केंद्र से मिलने वाली राशि को ध्यान में रखकर बुनियादी कार्ययोजना को तैयार करने निर्देश दिया.
