Akshay Kumar Jha
RANCHI : क़मर्शियल गाड़ियों के जरिए जिनका व्यापार चलता है. उन्हें अब खासी परेशानी होने वाली है. खासकर बड़े गाड़ी वाहन जैसे ट्रक आदि के मालिकों को इस परेशानी से ज्यादा झूझना होगा. दरअसल भारत सरकार के परिवहन मंत्रालय की तरफ से झारखंड सरकार को एक निर्देश मिला है. निर्देश के मुताबिक पहले की तरह अब जिले के एमवीआई कार्यालय में फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं बनेगा. अब कॉमर्शियल गाड़ियों का फिटनेस पेपर बनाने का काम निजी हाथों को सौंप दिया गया है. अब जिन्हें भी अपने वाहन का फिटनेस सर्टिफिकेट बनाना है, उन्हें प्राइवेट कंपनियों के पास जाना होगा. सबसे बड़ी चौंकाने वाली बात यह है कि वाहनों को प्राइवेट फिटनेस पेपर जारी करने वाली प्राइवेट कंपनी राज्य भर में तीन ही जिले में है.
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क्या होगी परेशानी
अब जिन्हें भी फिटनेस पेपर बनवाना होगा उन्हें अपने वाहन को प्राइवेट फिटनेस सेंटर तक ले जाना होगा. यह प्राइवेट सेंटर राज्य भर में सिर्फ रांची, हजारीबाग और जमशेदपुर में हैं. ऐसे में 24 जिलों के काम का जिम्मा सिर्फ तीन प्राइवेट सेंटरों पर होगा. ऐसे में जाहिर सी बात है कि पेपर बनाने के लिए लंबी कतार लगेगी. मतलब अगर आप फिटनेस सेंटर पहुंच भी जाते हैं, तो जरूरी नहीं है कि आपके वाहन का पेपर हाथों-हाथ बन जाए. हो सकता है कि आपको दो-तीन दिनों का इंतजार भी करना पड़ जाए. सबसे जरूरी बात है ईधन पर खर्च. छोटी गाड़ी शायद कम खर्चे में फिटनेस सेंटर पहुंच जाए. लेकिन बड़े वाहनों पर अब गाड़ी मालिक को हजारों रुपए का डीजल खरीदना होगा. साथ में एक दो दिन गाड़ी खड़ी भी रह सकती है. ऐसे में गाड़ी मालिकों के जेब पर वजन बढ़ना लाजिमी है. इसे लेककर झारखंड के कॉमर्शियल व्हीकल मालिकों में आक्रोश है. उनका कहना है कि बिना बात उन्हें परेशान किया जा रहा है. पहले से जो व्यवस्था थी, वो सही थी.
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वाहन मालिक की परेशानी संज्ञान में, भारत सरकार को बता दी गयी है परेशानीः ट्रांसपोर्ट कमिश्नर
इस मामले पर Loktantra 19 ने ट्रांसपोर्ट कमिश्नर संजीव बेसरा से बात की. उन्होंने कहा कि जो भी हो रहा है, वो भारत सरकार के निर्देश के बाद हो रहा है. केंद्र की तरफ से नोटिफिकेशन जारी किया गया है. भारत सरकार ने जहां-जहां एटीएस है, वहां से टैग कर दिया है. जाहिर है कि दूर के वाहन मालिकों को परेशानी होगी. इस बाबत भारत सरकार को हमारे विभाग की तरफ से लिख कर दिया गया है. अब भारत सरकार इसमें आगे क्या करती है, यह देखना होगा.
