BOKARO : शुक्रवार की देर शाम 7:00 बजे गोमिया प्रखंड अंतर्गत महुआटांड़ के गांगपुर गांव में तीन हाथियों के झुंड ने एक अधेड़ और एक बच्चे को कुचल कर मार डाला. हाथियों के इस हमले में 4 बच्चे और एक महिला घायल हैं, जिनका उपचार किया जा रहा है. मृतक सोमर साव करीब 55 वर्ष के और अमन कुमार लगभग 4 वर्ष के थे. घायलों में शांति देवी, राशि कुमारी, राहुल कुमार, मीनाक्षी कुमारी एवं आयुष कुमार शामिल हैं.
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पिछले गुरुवार को भी हुआ था हमला
गोमिया प्रखंड में हाथियों का उत्पात अपने चरम पर पहुंच गया है. पिछले दिनों गुरुवार को भी महुआटांड़ के बड़कीपुन्नू में हाथियों के झुंड ने एक ही परिवार के तीन लोगों को मौत के घाट उतार दिया था. लगातार तीन दिन में ही एक बार फिर हाथियों के हमले से महुआटांड़ सहित आस पास के गांव वाले दहशत में जिंदगी गुजार रहे हैं.
बिजली नहीं रहने पर आते हैं हाथी
ग्रामीणों से बात करने पर पता चला कि जब बिजली नहीं रहती है, तभी हाथी हमला करते हैं. बड़कीपुन्नू में भी जब बिजली कटी हुई थी उसी वक्त हाथियों का हमला हुआ था. गांगपुर में भी हाथियों का हमला उस वक्त हुआ जब बिजली नहीं थी.
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अवैध ब्लास्टिंग भी है एक कारण
इसके अलावा ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रजरप्पा के जंगल जो हाथियों के प्राकृतिक आवास हैं वहां अवैध कोयला निकालने के लिए ब्लास्ट किया जाता है. जिसके कारण हाथी डर कर मानवीय बस्ती की तरफ आते हैं. रात को कोयला निकालने के लिए बिजली काट कर अंधेरा कर दिया जाता है जिसके कारण भी हाथी मानवीय बस्ती में आकर उत्पात मचाते हैं.
ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि अवैध कारोबारियों के कुकर्मों की सजा हम ग्रामीण भुगत रहे हैं. दहशत के माहौल में हम लोगों को पूरी रात जाग कर पहरा देना पड़ रहा है.
हालांकि सूचना पर पहुंची वन विभाग की क्यूआरटी टीम, हाथियों को जंगल की तरफ खदेड़ने के प्रयास में जुट गई थी लेकिन सवाल अब भी है कि अवैध धंधे के इस खेल के कारण हो रहे हाथी और मानव के टकराव में और कितने मासूम गांव वालों को जान गंवाना पड़ेगा?
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