GODDA : बोआरीजोर प्रखंड अंतर्गत +2 राजाभीठा विद्यालय परिसर में बन रहे आदिवासी छात्रावास के निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे इस छात्रावास में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए ग्राम पंचायत के मुखिया सहित ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया और निर्माण कार्य को रोक दिया. ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान न तो अभियंता और न ही जूनियर इंजीनियर की उपस्थिति रहती है. बिना तकनीकी निगरानी के कराए जा रहे कार्य से भवन की गुणवत्ता पर संदेह उत्पन्न हो गया है. ग्रामीणों ने बताया कि इस्तेमाल की जा रही सामग्री मानक के अनुरूप नहीं है, जिसकी शिकायत पहले भी की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.
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मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि आदिवासी छात्रों के लिए बन रहे छात्रावास में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. वहीं ग्राम पंचायत के मुखिया सुखलाल सोरेन ने निर्माण एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक गुणवत्ता की जांच नहीं होती और जिम्मेदार अभियंता की मौजूदगी सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा. ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है. मौके पर पंचायत के मुखिया सुखलाल सोरेन ग्रामीण उत्तम मंडल ,दिनेश मंडल ,करण मंडल इत्यादि मौजूद रहे.
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