PAKUR : अमड़ापाड़ा क्षेत्र में पिछले दो दिनों से दो सगी बहनों का लापता होना अपने आप में एक बड़ा सवाल बन गया है. यह घटना पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है. उल्लेखनीय है कि स्थानीय थाना क्षेत्र के एक गांव की दो नाबालिग सगी बहन (एक सत्रह और दूसरी तेरह वर्षीय) पिछले 27 जनवरी से घर से गायब है. इस घटना ने एक ओर जहां मां-बाप और परिजन को अंदर से तोड़ दिया है. वहीं समाज को मनोवैज्ञानिक रूप से झकझोर कर रख दिया है. हर पिता इस घटना से घबराया हुआ है. मामला सुर्खियों में है और प्रेम प्रसंग से जुड़ा बताया जा रहा है. जानकारी मिली है कि दोनों बहनें स्कूल जाने के नाम पर गत मंगलवार को घर से निकलीं और अब तक वापस नहीं लौटी हैं. परेशान पिता ने थाने को जैसे ही लिखित शिकायत दी, पुलिस ने त्वरित संज्ञान लिया और कांड संख्या 3/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर सक्रियता से तमाम पहलुओं पर काम पर जुट गई. मामले की कमान स्वयं एसडीपीओ विजय कुमार ने संभाल ली है. नाबालिग लड़कियों की सकुशल बरामदगी को ले उनका अमड़ापाड़ा दौरा लगातार जारी है. एसडीपीओ गुरुवार को भी अमड़ापाड़ा पहुंचे और हताश परिजन व आक्रोशित लोगों को समझाया-बुझाया. बच्चियों को जल्दी ही सही-सलामत बरामदगी का आश्वासन दिया. हालांकि पुलिस ने टीचर व इसमें संलिप्त कुछ लड़कों को थाने पर बुलाया है. जरूरी पूछताछ व पड़ताल जारी है. सभी पुलिस अभिरक्षा में हैं. पुलिस इस घटना में कहां तक पहुंची है? क्या अहम सुराग अब तक मिले हैं? सभी चीजें अभी गुप्त रखी गईं हैं. पुलिसिया कार्रवाई और तफ्तीश जारी है.
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धरने पर बैठे माता-पिता, स्कूल में जड़ा ताला
दो दिनों से घर नहीं लौटी दोनों बेटियों के माता-पिता स्कूल के प्रवेश द्वार पर बच्चियों की सकुशल बरामदगी को ले धरने पर बैठ गए. प्रशासनिक कार्रवाई में हो रही देरी पर उन्होंने आक्रोश जताया. परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर भी लापरवाही और अनुशासनहीनता का आरोप लगाया. महिलाओं ने स्कूल गेट पर ताला जड़ दिया. हालांकि स्थिति बहुत जल्द सामान्य हो गई. एसडीपीओ विजय कुमार ने पहुंचते ही उनकी बातों को संजीदगी से सुना. अभिभावकों और ग्रामीणों को समझाया और जल्द ही बच्चियों की सकुशल बरामदगी का भरोसा दिलाया. इस दौरान सीओ औसाफ अहमद खां, इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी मदन कुमार शर्मा, एसआई कवींद्र मिश्रा, चंदन कुमार, पप्पू कुमार सहित पुलिस कर्मी मौजूद थे.
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स्कूल प्रबंधन ने क्या कहा
स्कूल प्रधान चंदन कुमार ने कहा कि छात्राएं स्कूल अवधि में लापता हुई हैं, यह आरोप सरासर गलत है. जहां तक अनुशासनहीनता का मामला है तो मैं अनुशासन के मामले में सख्त हूं. मैं छात्र-छात्राओं के लिए सिर्फ शिक्षक ही नहीं बल्कि स्कूल अवधि के दौरान उनके अभिभावक की भी भूमिका निभाता हूं. अगर मेरे विद्यालय का कोई कर्मी या शिक्षक जांचोपरांत दोषी है, तो वो कानून की जद में आएंगे.
