RANCHI : झारखंड में करीब 6-7 साल बाद हो रहे शहरी निकाय के चुनाव में बड़ी तादाद में सम्बन्धित नगरीय युवा अपने मतदान से वंचित रह जायेंगे. राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर निकाय चुनाव के लिए 1 अक्टूबर 2024 में प्रकाशित वोटर लिस्ट को आधार माना है. जिस वजह से 2024 के बाद 18 साल के हुए मतदाता इन नगर निकाय चुनावों में मतदान नहीं कर पाएंगे.
विपक्ष का सवाल
अब इस पर राजनीति भी शुरू हो गई है. विपक्ष ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि इन चुनावों में बड़ी संख्या में 18 वर्ष पूरा करने वाले मतदाताओं को उनके मतदान के अधिकार से वंचित रखा जा रहा है, यह लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है. राज्य सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि उसने क्यों नहीं मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य करवाया?
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सत्ता पक्ष का जवाब
सत्ता पक्ष ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि यदि मतदाता पुनरीक्षण करवाया जाता तो निकाय चुनावों में और देरी की संभावना बनती. कांग्रेस ने कहा कि अक्सर चुनाव भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अंतिम वोटर लिस्ट के आधार पर ही होते रहे हैं. ऐसे में भाजपा के सवाल निराधार हैं. उन्होंने कहा कि 2024 के बाद 18 वर्ष पूरा करने वाले मतदाताओं के मतदान नहीं कर पाने का दुख है लेकिन यह सवाल चुनाव घोषणा से पहले करना चाहिए था.
सवालों का कोई आधार नहीं
वहीं मतदाता सूची को लेकर उठ रहे सवालों पर राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने कहा कि इस मुद्दे पर सवाल करना उचित नहीं है क्योंकि पहले ही घोषित कर दिया गया था कि यह चुनाव अक्टूबर 2024 में प्रकाशित वोटर लिस्ट के आधार पर ही होंगे. और वैसे भी राज्य निर्वाचन आयोग मतदाता पुनरीक्षण का कार्य नहीं करता है.
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