RANCHI : रांची से सामने आया सिस्टम की लापरवाही का गंभीर मामला, जहां नेत्रहीन छात्रा की मेहनत और हौसले पर एक प्रशासनिक गलती भारी पड़ गई. 11वीं की परीक्षा में 72 प्रतिशत अंक लाने वाली छात्रा अब 12वीं की बोर्ड परीक्षा नहीं दे पाएगी, क्योंकि स्कूल ने सीबीएसई को भेजे गए रजिस्ट्रेशन मेल में बड़ी चूक कर दी.

पीड़ित छात्रा रिता, (नाम बदला हुआ नाम), चार साल तक घर के भीतर पिता और दो भाइयों द्वारा किए गए शारीरिक शोषण, गर्भावस्था और गर्भपात जैसी त्रासदी से निकलकर पढ़ाई के सहारे नई जिंदगी शुरू करना चाहती थी. मां द्वारा आरोप लगाए जाने और पुलिस-कानूनी कार्रवाई के चलते उसकी मानसिक स्थिति बेहद खराब रही, इसी दौरान 12वीं का रजिस्ट्रेशन हुआ जिसकी जानकारी उसे समय पर नहीं मिल सकी.
बाद में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के हस्तक्षेप पर 19 दिसंबर को सीबीएसई को मेल भेजा गया, लेकिन उसमें यह लिख दिया गया कि छात्रा ने 11वीं की परीक्षा नहीं दी है. गलती सुधार कर 6 जनवरी को दोबारा मेल किया गया, लेकिन तब तक अंतिम तिथि समाप्त हो चुकी थी. नतीजा यह कि नेत्रहीन, पीड़ित और मेधावी छात्रा को पूरे एक साल का इंतजार करना पड़ेगा.
छात्रा का कहना है कि वह सिर्फ पढ़कर अपने पैरों पर खड़ी होना चाहती है, लेकिन परिवार के बाद अब सिस्टम भी उसके सपनों के रास्ते में खड़ा हो गया है। यह मामला सिर्फ एक छात्रा की पीड़ा नहीं, बल्कि व्यवस्था की जवाबदेही पर सीधा सवाल है.

