JAMSHEDPUR : जमशेदपुर के व्यवसायी देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी के अपहरण मामले को लेकर झारखंड भाजपा अब सरकार से आर-पार के मूड में है. कैरव के गायब हुए 10 दिन हो चुके हैं लेकिन पुलिस अभी तक इस मामले में खाली हाथ है. इसी को लेकर भाजपा ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने शुक्रवार को जमशेदपुर में पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना की पूरी जानकारी ली. उन्होंने इस मामले को लेकर डीजीपी से मिलने की बात कही. साथ ही कहा कि भाजपा इस कठिन समय में पीड़ित परिवार के साथ है. कैरव को सकुशल वापस लाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किया जायेगा.
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मीडिया से बात करते हुए उन्होंने राज्य सरकार की विधि व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि 10 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली क्यों है? अगर किसी अधिकारी के घर का सदस्य अगवा होता तो क्या पुलिस इसी प्रकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रहती?
इस मामले पर पुलिस ने क्या कहा
इधर इस मामले पर पुलिस का कहना है कि दो से तीन दिन में मामले का उद्भेदन हो सकता है. पुलिस को इस कांड में कुछ अहम सुराग मिले हैं. मामले की जांच के लिए जमशेदपुर और सरायकेला की संयुक्त एसआईटी सहित एटीएस और सीआईडी की टीमें भी जांच में लगी हुईं हैं. इस केस के अनुसंधान के लिए लगभग 10 स्पेशल टीम बनाया गया है. जिसमें 2 डीएसपी, 8 इंस्पेक्टर तथा 30 से ज्यादा सब इंस्पेक्टर इस मामले में लगे हुए हैं. ये टीमें बिहार और पश्चिम बंगाल में लगातार छापेमारी कर रहीं हैं. सभी प्रमुख सड़कों में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाले जा रहे हैं. ताकि अपहरण से संबंधित जानकारी हासिल हो सके. हालांकि कैरव की सुरक्षा को लेकर ये जानकारियां साझा नहीं की सकती हैं.
ये पूरा मामला डीजीपी तदाशा मिश्रा स्वयं देख रही हैं, उनकी निगरानी में पूरा केस चल रहा है. मामले से जुड़ी हर गतिविधियों पर पैनी निगाह रखी जा रही है.
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